हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने शुक्रवार को प्रताडि़त महिलाओं को आश्रय देने के लिए जिला में स्थापित वन स्टॉप सेंटर में पहुंचकर वहां महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने वहां ऑनलाइन शिकायत प्रणाली, शिकायत रजिस्टर को चेक कर स्वयं कई शिकायतकर्ता से फोन पर बात कर, उनसे सेंटर से मिले सहयोग व फॉलोअप के बारे में फीडबैक लिया। इस दौरान वन स्टॉप सेंटर की संचालक भी मौजूद रही। चेयरपर्सन ने वन स्टॉप सेंटर पर दो बहनों की परिवार में मारपीट और आपसी कलह से संबंधित शिकायत की सुनवाई करते हुए पीडि़त महिलाओं को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने समाज के बुजुर्गों से अपील करते हुए कहा कि पुराने समय से चली आ रही एक परिवार में दो बेटियों के विवाह करने की प्रथा में बदलाव करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि महिला आयोग के पास लगभग 25 केस ऐसे आएं हैं जिनमें एक परिवार में दो बेटियों की शादी होने के बाद एक बेटी के प्रताड़ित होने के बाद दूसरी बेटी को भी प्रताड़ित किया जाता है। आज के युग में बेटियों पर अत्याचार को रोकने के लिए यह कदम जरूरी है। बेटियों की अच्छी परवरिश करके उन्हें संस्कारवान बनाएं, शिक्षा पूरी करवाकर उन्हें स्वाबलंबी बनाए। इस दौरान उन्होंने अन्य पीडि़ताओं की भी शिकायतें सुनते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं को उपलब्ध करवाई जा रही सभी सुविधाओं का जायजा लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि पूरे देश में जितने भी वन स्टॉप सेंटर है। वहां महिलाओं का पूरा ख्याल रखा जाए तथा उन्हें पूर्णत: सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि वन स्टॉप सेंटर में जो भी केस आ रहे हैं उन्हें अधिक समय तक पेंडिंग न रखा जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से कुछ नए फॉर्म व एडिशन किए गए हैं जिन्हें हरियाणा के सभी 22 जिलों में लागू करवाने के लिए सभी वन स्टॉप्स सेंटर्स की विजिट की जा रही है। उन्होंने सेंटर इंचार्च से कहा कि वे वन स्टॉप सेंटर में उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं का नियमित रूप से निरीक्षण करते रहें। ऐसे में यहां पर दी जा रही किसी भी प्रकार की सेवाओं में लापरवाही की गुंजाइश नही होनी चाहिए।