पलवल में सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर किसान-मजदूरों ने जेल भरो एवं सत्याग्रह आंदोलन किया। कुशलीपुर में आयोजित कार्यक्रम के बाद बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और विभिन्न जनसंगठनों के कार्यकर्ता डीसी कार्यालय के बाहर पहुंचे और सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते, निजीकरण, ठेका प्रथा और श्रम कानूनों में बदलाव का विरोध जताया। किसान नेताओं ने कहा कि इन नीतियों से किसान, मजदूर और कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं। आंदोलनकारियों ने किसानों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी, किसान-मजदूरों की कर्जमाफी, न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये करने, कच्चे और परियोजना कर्मियों को पक्का करने तथा श्रमिक विरोधी लेबर कोड वापस लेने की मांग उठाई। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को आने वाले दिनों में और व्यापक किया जाएगा।