पुलिस ने हाल ही में क्षेत्र में हो रही अंधाधुंध लूटपाट की वारदातों पर लगाम कसते हुए एक लूटपाट गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक किशोर भी शामिल है। आरोपियों ने पूछताछ में पलवल और फरीदाबाद में की गई एक दर्जन से अधिक ब्लाइंड लूट वारदातों को कबूला है। ब्लाइंड लूटपाट से मतलब है कि इन वारदातों में बदमाश मुँह पर नकाब बांधकर हथियार के बल पर लोगों को लूटते थे। इस सफलता की जानकारी पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने प्रेस वार्ता के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई सीआईए पलवल प्रभारी पीएसआई दीपक व उनकी टीम द्वारा की गई है। एसपी वरुण सिंगला ने बताया कि 9 जुलाई 2025 को दिघोट गांव स्थित एक कॉमन सर्विस सेंटर में दिनदहाड़े लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। तीन नकाबपोश बदमाश हथियारों से लैस होकर सेंटर में घुसे और सेंटर संचालक देवेंद्र से 1.70 लाख लूटकर फरार हो गए। वे हसनपुर की दिशा में भागे थे। वारदात की गूंज जिलेभर में फैल गई और पुलिस को मामले में तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सीआईए प्रभारी पीएसआई दीपक ने साइबर तकनीक और मुखबिर तंत्र की मदद से 13 जुलाई को तीन संदिग्धों को देवीलाल पार्क के पास से गिरफ्तार किया। उनसे की गई पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के बाद चौथे आरोपी, एक किशोर, को भी 15 जुलाई को पूछताछ इकाई द्वारा बाल सुधार कानून के तहत हिरासत में लिया गया। आरोपियों से की गई पूछताछ में खुलासा हुआ कि उन्होंने पलवल और फरीदाबाद में मिलकर कुल एक दर्जन से अधिक लूट की वारदातों को अंजाम दिया है। इनमें से पांच मामले थाना कैंप व सदर पलवल में दर्ज हैं, जबकि एक मामला फरीदाबाद में भी दर्ज है। अन्य मामलों की जांच के लिए रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। आरोपियों ने बताया कि वे वारदात से पहले क्षेत्र की रेकी करते थे। फिर मुँह पर ढाटा (कपड़ा) बांधकर और हथियार लेकर लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे। लूट के बाद वे रकम व सामान आपस में बांटकर अलग-अलग दिशाओं में फरार हो जाते थे ताकि पकड़ में न आ सकें। पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड लिया है ताकि लूट में प्रयुक्त हथियार, वाहन और लूटी गई राशि की बरामदगी की जा सके। किशोर आरोपी को बाल न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस को इस गिरोह से और भी वारदातें जुड़ी होने की संभावना है। एसपी सिंगला ने कहा कि माननीय न्यायालय के निर्देशों और जांच की प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए अभी आरोपियों की पहचान गोपनीय रखी गई है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, अन्य साथियों की पहचान और गिरफ्तारी भी की जाएगी। गैंग के मास्टरमाइंड को भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।