भारी बारिश और यमुना का उफान इस बार जिले के कई गांवों के लिए आफत बन गया। खेत जलमग्न हो गए, संपर्क मार्ग टूट गए और लोग बेघर होकर स्कूलों व सेफ हाउसों में शरण लेने को मजबूर हुए। हालात का जायजा लेने बुधवार को केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर स्वयं प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। खास बात यह रही कि वे गाड़ी छोड़कर ट्रैक्टर पर बैठकर ही इंद्रानगर पहुंचे, क्योंकि पक्की सड़क बारिश में कट चुकी थी और कच्चा रास्ता ही ग्रामीणों तक पहुंचने का एकमात्र साधन था। मंत्री के साथ उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला और पूर्व विधायक दीपक मंगला भी मौजूद रहे। गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने उन्हें घेरकर समस्याएं गिनाईं। सबसे पहले इंद्रानगर के लोगों ने संपर्क मार्ग और पुलिया की समस्या उठाई। ग्रामीणों का कहना था कि हर बरसात में रास्ता कट जाता है और इस बार तो हालात और भी खराब हो गए हैं। इस पर मंत्री गुर्जर ने भरोसा दिलाया कि संपर्क मार्ग और पुलिया का काम प्राथमिकता से कराया जाएगा। वहीं पास के गांव मुस्तफाबाद के ग्रामीणों ने 100-100 गज के प्लॉट की पुरानी मांग दोहराई। इस पर गुर्जर ने कहा कि वे खुद प्रशासन से बात करके उनकी समस्या का समाधान करवाएंगे। इसके बाद मंत्री मुस्तफाबाद के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बने सेफ हाउस पहुंचे, जहां सौ से अधिक लोग अपने परिवार और पशुओं के साथ ठहरे हुए थे। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें भोजन, पानी और दवाइयां मिल रही हैं। मंत्री ने राहत सामग्री बांटी और अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी को कोई कमी महसूस नहीं होनी चाहिए।