नारनौल के चर्चित विजय अस्पताल में आयकर विभाग द्वारा की गई रेड को लेकर अब अस्पताल संचालक विनीत यादव का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं पाई गई है और जांच टीम सभी दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद संतुष्ट होकर वापस लौटी है। मिली जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की टीम ने अस्पताल परिसर में पहुंचकर कई घंटों तक दस्तावेजों की गहन जांच की। आय, व्यय, निवेश, संपत्ति विवरण और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की बारीकी से पड़ताल की गई। संचालक विनीत यादव ने कहा कि हिसार में खरीदे गए सर्वोदय अस्पताल को लेकर भी टीम ने विशेष रूप से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि सर्वोदय अस्पताल विधिवत बैंक लोन के माध्यम से खरीदा गया है और उससे संबंधित सभी आवश्यक कागजात आयकर विभाग को उपलब्ध कराए गए। हमारे पास प्रत्येक लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड मौजूद है। टीम ने हर दस्तावेज देखा और जांच के बाद किसी भी प्रकार की अन्य अनियमितता नहीं पाई गई। इस बीच शहर में यह चर्चा भी रही कि मामला विजय अस्पताल, नारनौल से जुड़ा है और किसी अन्य संस्थान या स्थान से इसका संबंध नहीं है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, आयकर विभाग की यह कार्रवाई विजय अस्पताल, नारनौल से संबंधित थी और जांच का दायरा यहीं तक सीमित रहा। फिलहाल आयकर विभाग की ओर से आधिकारिक प्रेस नोट जारी होना बाकी है। विभाग की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट स्थिति सामने आएगी। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने भरोसा जताया है कि जांच में पूरी पारदर्शिता सामने आएगी और सभी शंकाओं का समाधान हो जाएगा।