जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से 5.20 करोड़ रुपये खर्च कर शहर के डुलाना रोड पर करीब 11 एकड़ भूमि पर बने एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) को अपग्रेड किया गया है। प्रतिदिन 48 लाख लीटर गंदे पानी को शुद्ध करने वाली यह परियोजना क्षेत्र में भूजल स्तर में सुधार में मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना के शुरू होने से शहरवासियों को गंदे पानी की समस्या से भी स्थाई निजात मिल सकेगी। शहर से निकलने वाले गंदे पानी को भूमिगत पाइप लाइन के सहारे तीन किलोमीटर दूर बने एसटीपी पर पहुंचाया जा रहा है। पानी को शुद्ध करने के लिए छह आधुनिक युनिट स्थापित बता दें कि शहर से निकलने वाले गंदे पानी की समस्या के लिए वर्ष 2014 में यह एसटीपी स्थापित किया गया था। लेकिन नियमित देखरेख एवं कभी बंद को कभी शुरू होने के कारण यह परियोजना सफेद हाथी बनी हुई थी। लेकिन पिछले वर्ष जून माह में शुरू हुई एसटीपी को अपग्रेड करने की यह प्रक्रिया अब पूरी कर पानी को शुद्ध करना शुरू कर दिया है। इसके लिए विभाग की ओर से छह अत्याधुनिक यूनिट स्थापित की गई हैं। यह प्लांट ऑटोमेटिक मोड पर काम करेगा। सिंचाई एवं भूजल स्तर में सुधार की परियोजनाओं पर चल रहा काम जन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की मानें तो एसटीपी पर पानी को शुद्ध करके 6.50 करोड़ लीटर क्षमता वाले टैंक में एकत्रित किया जाएगा। इसके लिए जन स्वास्थ्य विभाग एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों की ओर से योजना तैयार की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही इस एसटीपी में शुद्ध किए गए पानी को सिंचाई के रूप में प्रयोग किया जा सकेगा। साथ ही इसका उपयोग भूजल स्तर के सुधार के लिए दौहान नदी क्षेत्र में छोड़ने की परियोजना पर भी काम चल रहा है। बारिश के मौसम में नहीं होगा शहर में जलभराव विभाग की ओर से इस एसटीपी की क्षमता बढ़ाने के बाद अब शहर की आबादी को बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या से भी स्थाई निजात मिलेगी। शहर में जल भराव वाले स्थानों पर यूनिट स्थापित की जा चुकी हैं जिनके माध्यम से यह पानी एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा। जिम्मेदारों का दावा है कि इस पानी को फिलहाल पीने के अलावा अन्य प्रकार के कार्याें में प्रयोग किया जा सकेगा। इसमें सिंचाई, भवन निर्माण, दमकल विभाग द्वारा आग बुझाने, सड़कों एवं सरकारी भवनों के निर्माण सहित अन्य प्रकार से किया जा सकेगा। एसटीपी के अपग्रेडेशन का काम पूरा हो चुका है। प्रतिदिन 48 लाख लीटर पानी को शुद्ध किया जा रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ इस पानी को सिंचाई व भूजल स्तर सुधार में प्रयोग करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर विचार-विमर्श चल रहा है। अत्याधुनिक तकनीकि से शुद्ध किए गए इस पानी का उपयोग पीने के अलावा कहीं भी किया जा सकता है। भूजल स्तर सुधार में यह परियोजना काफी लाभदायक साबित होगी। -सुरेंद्र कुमार, कनिष्ठ अभियंता एवं परियोजना अधिकारी जन स्वास्थ्य विभाग महेंद्रगढ़।