मंडी अटेली के बिहाली गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ बुधवार को हुआ। हनुमान मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और कलश यात्रा के साथ यह आयोजन शुरू हुआ। कार्यक्रम से पूर्व 101 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर गांव के मुख्य मार्गों से कलश यात्रा निकाली। भरतपुर के कथा वाचक श्याम सखा शास्त्री ने कथा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का मुख्य उद्देश्य मनुष्य को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के माध्यम से मोक्ष के मार्ग पर ले जाना है। शास्त्री ने बताया कि भागवत का केंद्र श्रीकृष्ण हैं। कथा का पहला उद्देश्य भगवान के प्रति प्रेम और समर्पण का भाव पैदा करना है। श्याम सखा शास्त्री ने भागवत को 18 पुराणों में सबसे सात्विक बताया। उन्होंने कहा कि इसमें सृष्टि की रचना, धर्म-अधर्म और कर्म के फल का वर्णन है। उन्होंने कहा कि कलियुग में भागवत श्रवण ही पापों को शुद्ध करने का सरल उपाय है। इस अवसर पर सरपंच सीताराम यादव, मंदिर पुजारी सत्यनारायण शर्मा उर्फ बिट्टू, दयाराम मिस्त्री, बिक्रम सिंह, दीपक, महेंद्र नंबरदार, रतन लाल, कुलदीप, विनोद कुमार, गजराज, हनुमान, मलखान, नवीन कुमार, मनोज पहलवान, अमन कुमार, लक्ष्य, रोहतास, अनील कुमार, साहिल, अमित कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।