केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के मूल सवरुप ने बदलाव की कोशिशों को लेकर कांग्रेस पार्टी पूरे प्रदेश में लगातार जमीनी स्तर पर आवाज उठा रही है इसी कड़ी में वीरवार को नारनौल लघु सचिवालय में धरना प्रदर्शन किया व एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन सौंपा गया । ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना , अधिकार आधारित से विवेकाधीन योजना में परिवर्तन , 125 दिनों की तथाकथित गारंटी का भार्मिक दावा जैसे मुद्दों का जिक्र किया । प्रदर्शन में हरियाणा के सह प्रभारी जितेंद्र भगेल ने मुख्य रूप से शिरकत की । इस अवसर पर हरियाणा कांग्रेस के सह प्रभारी जितेंद्र भगेल ने अपने संबोधन में कहा कि मनरेगा 2005 में यूपीए सरकार द्वारा लागू किया गया एक अधिकार आधारित क़ानून है जो प्रत्येक ग्रामीण परिवार को रोजगार की माँग करने का वैधानिक अधिकार देता है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष सतबीर झुकिया ने कहा कि प्रति वर्ष मनरेगा के तहत पाँच करोड़ से अधिक परिवारों को रोजगार मिलता है , जिससे ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर होने वाले पलायन में कमी आती है । उन्होंने कहा कि मनरेगा ना केवल रोजगार उपलब्ध कराना है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यव्स्था को मजबूती देना का काम भी करती है। किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर एवं युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण राव ने बताया कि मनरेगा बचाओ संग्राम राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किया गया है जिसके माध्यम से कांग्रेस का हर कार्यकर्ता जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरुक करने का कार्य करेगी । कृष्ण राव ने कहा कि मनरेगा केवल एक रोजगार का साधन नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यव्स्था एवं वंचितों , ग़रीब तबके का जीवन स्तर को सुधारने का एक सशक्त साधन भी है। इस दौरान पूर्व विधायक अनीता यादव ने कहा कि भाजपा सरकार मनरेगा को खत्म करना चाहती है, पहले मनरेगा का 90 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार वहन करती थी लेकिन अब केवल 60 प्रतिशत केंद्र सरकार देगी जिससे सीधा राज्य सरकार पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और जो सरकार पहले से भारी कर्ज में डूबी है और एसी स्थिति में वे इस योजना का भुगतान करने में असमर्थ होगी जिससे मनरेगा समाप्त हो जाएगी । जिससे खासकर महिलाओं को सीधा परभावित करेगी । वहीं, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ राज सुनेश ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को लगातार कमजोर करने का प्रयास कर रही है जबकि मनरेगा केवल एक योजना नहीं बल्कि ग़रीब व मजदूर वर्ग के लिए सम्मान से जीने का अधिकार है।