धर्मनगरी के योग भवन में आयोजित दो दिवसीय ज्योतिष महाकुंभ का शनिवार को आगाज हुआ। 20 राज्यों से ज्योतिषाचार्य अपना व्याख्यान देने पहुंचे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. एचएस रावत ने शिरकत की। महाकुंभ में ज्योतिष की दृष्टि से तीर्थों के महत्व पर प्रकाश डाला गया। रावत ने कहा कि देश की संस्कृति और सभ्यता हजारों वर्ष पुरानी है, लेकिन समय के बदलाव के साथ-साथ अन्य देशों की सभ्यता और संस्कृति लुप्त हो गई, जबकि भारत की सनातन संस्कृति आज भी संरक्षित है। देश में हर धार्मिक स्थल का अपना महत्व है। वैदिक ज्योतिष अनुसंधान के अध्यक्ष पंडित बृज मोहन भार्गव ने कहा कि गीता की जन्मस्थली ज्योतिसर और ब्रह्मसरोवर सबसे दर्शनीय स्थल है, इन स्थलों पर आकर मन को शांति मिलती है और पांच हजार से ज्यादा साल पुराने इतिहास से आत्मसात होने का अवसर भी मिलता है। इस धर्मनगरी की फिजाओं में आज भी कर्म करने का संदेश मिलता है।