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कुरुक्षेत्र की धरा पर अधिकारों के लिए महाभारत की लड़ाई हुई, अब हक के लिए ओबीसी को लड़ना होगा : चंद्रप्रकाश

कुरुक्षेत्र की धरा पर अधिकारों के लिए महाभारत की लड़ाई हुई, अब हक के लिए ओबीसी को लड़ना होगा। इसके साथ ही ओबीसी समाज को अपने हक के लिए संगठित होकर आवाज बुलंद करनी होगी। यह आहवान प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग के चेयरमैन एवं विधायक चंद्रप्रकाश ने कार्यकर्ताओं को किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार पर भरोसा करके पिछड़ा वर्ग ने धोखा खाया है। बड़े-बड़े वादे करके भाजपा ने वोट तो बटोर लिए लेकिन अनुसूचित व पिछड़ा वर्ग के हितों के लिए कोई कल्याणकारी योजना नहीं बनाई। आरक्षण बढ़ाने के लिए अनगिनत बार मांग की जा चुकी है लेकिन इस संदर्भ में आज तक सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है। एचकेआरएन में नियमानुसार जो आरक्षण मिलना चाहिए वह भी अब तक नहीं दिया गया है। पंजाबी धर्मशाला में वीरवार को आयोजित ओबीसी कार्यकर्ता सम्मेलन में चंद्रप्रकाश ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक अधिकारों की संवाहक रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और न्याययोद्धा राहुल गांधी ने भी संडक़ से संसद तक अनुसूचित व पिछड़ा वर्ग की आवाज को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने समान अवसर, पिछड़ा वर्गों की भागीदारी और जातीय जनगणना के मुद्दे को राष्ट्र स्तर पर उठाकर लोगों को जागरूक करने का काम किया है। चंद्रप्रकाश ने जंतर मंतर व पंचकुला में युवाओं पर किए गए लाठीचार्ज की भी कड़ी निंदा की और कहा कि सरकार लाठी की बजाए युवाओं के लिए रोजगार की राह बनाएं। बॉक्स ये बड़े नेता भी रहे मौजूद सम्मेलन की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मेवा सिंह ने की जबकि थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा, शाहाबाद विधायक रामकरण काला, पिहोवा विधायक मनदीप चट्ठा, जिला उप प्रधान साहब सिंह, जिला महासचिव ओमपाल कश्यप, ब्लॉक प्रधान जयपाल पांचाल, ओबीसी विभाग के जिला प्रधान सुरेंद्र सैनी व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुभाष जांगड़ा विशेष रूप से मौजूद रहे और उन्होंने भी कार्यकर्ताओं में जोश भरा। ओबीसी समाज के हितों के लिए रखी मांगें ओबीसी कार्यकर्ता सम्मेलन में मांग की कि प्रदेश में प्रथम श्रेणी व द्वितीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों में 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए जो कि अभी 15 प्रतिशत ही है। सरकारी विभागों व विश्वविद्यालयों में रिक्त पड़े पिछड़ा वर्गों के बैकलॉग पर श्वेत पत्र जारी करके विशेष भर्ती द्वारा बैकलॉग को भरा जाए। नौकरियों, पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकाय संस्थाओं में मंडल कमीशन की रिपोर्ट के हिसाब से सरकार को तुरंत आरक्षण का प्रावधान करना चाहिए। ओबीसी समाज के लिए क्रीमीलेयर की आय सीमा 8 लाख रुपये से बढ़ाकर 16 लाख रुपये प्रतिवर्ष की जानी चाहिए।

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