अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय थानेसर में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ट्रैफिक नियमों और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना था। इस कार्यक्रम में कक्षा नौवीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर रोशन ने विद्यार्थियों को ट्रैफिक नियमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हेलमेट पहनना सिर्फ कानून का पालन नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का उपाय है। पुलिस द्वारा चालान काटने का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि लोगों को नियमों के पालन के लिए प्रेरित करना है। एसएचओ सिटी ट्रैफिक इंस्पेक्टर रामकरण ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने अभिभावकों को भी हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जब तक माता-पिता हेलमेट न पहनें, तब तक उनकी बाइक पर न बैठें। साथ ही, चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य बताया और ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने का संदेश दिया। रोड सेफ्टी सेल के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर शेर सिंह ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि हाईवे पर कोई दुर्घटना होती है तो नजदीकी रेड बॉक्स का बटन दबाकर सहायता प्राप्त की जा सकती है, जो पांच मिनट के भीतर मौके पर पहुंच जाती है। उन्होंने जेब्रा क्रॉसिंग से सड़क पार करने की आदत डालने पर भी बल दिया। यातायात समन्वयक एएसआई वीरेंद्र ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से सतर्क रहने को कहा। उन्होंने डिजिटल अरेस्ट, कॉल मर्जिंग जैसे नए-नए फ्रॉड तरीकों से बचने की सलाह दी और बताया कि किसी भी अज्ञात कॉल या लिंक पर क्लिक न करें। साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत संपर्क करें। ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर जोगिंद्र ढुल ने ट्रैफिक नियमों के पालन की महत्ता समझाई और कहा कि युवा देश का भविष्य है। युवाओं को यातायात नियमों का पालन कर अपना जीवन सुरक्षित करना चाहिए। प्रधानाचार्य बलदेव राज सैनी ने बताया कि विद्यालय परिसर में बिना लाइसेंस और हेलमेट के किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं दिया जाता। उन्होंने समय-समय पर छात्रों को ट्रैफिक नियमों और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संकल्प दोहराया। इस दौरान ट्रैफिक नियमों पर आधारित पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। इसमें कक्षा नौवीं की संध्या ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सभी विजेताओं सहित 35 प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।