संवाद न्यूज एजेंसी कुरुक्षेत्र। जिला में प्रदेश सरकार की ओर से 15 अमृत सरोवर तैयार किए गए हैं, जिनका बुधवार को प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने लोकार्पण किया। 6 करोड़ 18 लाख 33 हजार रुपए से तैयार किए गए इन अमृत सरोवरों का निर्माण कईं माह पहले ही किया जा चुका था, जिनके लोकार्पण का आज तक इंतजार किया जा रहा था। कईं सरोवर लोकार्पण के इंतजार में बदहाल होने की राह पर आने लगे थे। सरकार की योजना के तहत जिला में सबसे ज्यादा आठ अमृत सरोवर पिहोवा विधानसभा क्षेत्र में तैयार किए गए हैं जबकि थानेसर विधानसभा क्षेत्र के महज दो सरोवर इसमें शामिल है। सीम सिटी लाडवा में तीन व शाहाबाद विस क्षेत्र में एक ही अमृत सरोवर बनाया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि ये सरोवर गांव की सुंदरता को चार-चांद लगाएंगे तो ग्रामीण पर्यटन को भी इनके जरिए बढ़ावा मिलेगा। बॉक्स बेहतर रहे रखरखाव तो ही फायदा : सुल्तान गांव दयालपुर के पूर्व सरपंच सुल्तान सिंह का कहना है कि सरकार ने अमृत सरोवर बनवाकर गांव के सौंदर्यकरण में चार-चांद लगाए हैं लेकिन इन सरोवरों का बेहतर रखरखाव भी जरूरी है। इनके आसपास अवैध कब्जे भी न होने पाएं। इनमें निर्मल पानी रहे, इसके लिए व्यवस्था की जाए। बॉक्स इन गांवों में बनाए गए अमृत सरोवर 6 करोड़ 18 लाख 33 हजार रुपए से तैयार किया गया है। इनमें गांव अजराना खुर्द, नखरोजपुर, गंगहेड़ी, नैंसी, अरनैचा, बाखली, बीबीपुर कलां, धीरपुर, गोबिंद माजरा, शादीपुर लाडवा, धनौरी, दयालपुर और दुधला में एक-एक व सलपानी कलां के दो तालाब शामिल हैं। बॉक्स कोलापुर गांव में तैयार किया हुआ है लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट : धूमन सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमच ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के तालाबों को जीवंत रखने के लिए अभियान चलाया है। सरस्वती बोर्ड के माध्यम से भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए सरस्वती नदी के किनारे तालाबों में बरसाती पानी को इकट्ठा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोलापुर गांव में लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट तैयार किया हुआ है। गांवों का वेस्ट पानी तीन चरणों से होते हुए तालाब में जाता है, जिसको आगे सरस्वती में डाला जा रहा है। दूसरे गांवों में भी एलडब्ल्यूएम को लागू करने की जरूरत है। अब सरस्वती का विस्तार गांव पोलड़ से राजस्थान तक किया जा रहा है।