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करनाल में डेंगू की दस्तक, 1181 जगह मिला लार्वा, बुखार पर तुरंत जांच के आदेश

सुनील कुमार Updated Sat, 18 Jul 2026 02:50 PM IST

माई सिटी रिपोर्टर करनाल। जनवरी से अब तक विभाग की 166 टीमें घर-घर जाकर 6 लाख 87 हजार 490 साइटों का निरीक्षण कर चुकी हैं। इस दौरान 1181 स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिला, जबकि नियमों की अनदेखी करने वाले 482 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। मच्छरजनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए उप सिविल सर्जन ने जिले के सभी सीएचसी, पीएचसी, उप स्वास्थ्य केंद्रों और जिला नागरिक अस्पताल में बुखार के प्रत्येक मरीज की आवश्यकता अनुसार मलेरिया जांच कराने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार लार्वा मिलने के 1181 मामलों में 795 शहरी क्षेत्र और 386 ग्रामीण क्षेत्र से सामने आए हैं। विभाग का कहना है कि शहरों में कूलर, गमले, पुराने टायर, पानी की टंकियां और अन्य खुले बर्तनों में जमा पानी डेंगू के मच्छरों के पनपने का सबसे बड़ा कारण बन रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर सबसे अधिक साफ और रुके हुए पानी में पनपता है। जांच के दौरान सबसे ज्यादा लार्वा कूलरों के पानी में मिला है। इसके अलावा फ्रिज की ट्रे, फूलदान, छतों पर रखे बर्तन और बेकार पड़े टायरों में भी लार्वा मिलने के मामले सामने आए हैं। विभाग लोगों से सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर का पानी पूरी तरह बदलने और पानी जमा नहीं होने देने की अपील कर रहा है। जिले में गठित 166 सर्विलांस टीमें प्रतिदिन घरों, सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, फैक्ट्रियों और अन्य सार्वजनिक स्थानों का निरीक्षण कर रही हैं। जहां भी लार्वा मिलता है, वहां तुरंत उसे नष्ट कराया जाता है और संबंधित व्यक्ति को भविष्य में सावधानी बरतने के निर्देश दिए जाते हैं। बार-बार लापरवाही मिलने पर नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उप सिविल सर्जन डॉ. अनु शर्मा ने बताया कि सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि बुखार के मरीजों की समय पर जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर मलेरिया व डेंगू की जांच में देरी न की जाए।

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