सेना दिवस के मौके पर जिले के शहीद स्मारक पर पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से बुजुर्गों को सम्मान दिया गया। इस मौके पर प्रधान जगजीत फौजी ने बताया कि हमें शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए। कार्यक्रम में ऐसे पूर्व सैनिकों का सम्मान किया गया है जो अब 80 साल के हो चुके हैं। इन्होंने 1962, 65 और 71 के युद्ध में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रधान ने बताया कि इस दिन अदम्य साहसी सैनिकों के समर्पण, शौर्य और बलिदान को नमन करते हुए फील्ड मार्शल के एम करियप्पा द्वारा भारतीय सेना की कमान संभालने की याद में सेना दिवस के नाम से मनाया जाता है। कार्यक्रम के दौरान लोक गायक कलाकार पूर्व सैनिक फौजी कर्मवीर और पूर्व सैनिक बलवान फौजी एवं उनकी पार्टी ने देशभक्ति गीतों के साथ सभी बुजुर्गों में ऊर्जा भारी और शहीदों को श्रद्धांजलि गीतों के माध्यम से दी। निजी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ़ रमनदीप और डॉ़ निकिता सिरोही ने स्मारक के प्रांगण में निशुल्क मेडिकल कैंप भी लगाया और बुजुर्ग पूर्व सैनिकों की जांच की। सम्मानित होने वालों में अमर शहीदों की वीरनारी व वीरमाता, 98 वर्षीय हवलदार हरि सिंह गुलियाना, साहरण खाप प्रधान साधुराम 16 ग्रेनेडियर कौलेखां, सूबेदार मेजर सतपाल भारद्वाज 19 जैक राइफल मटोर, हवलदार राम सिंह चार राजपूत क्योड़क आदि मौजूद रहे। मुख्य अतिथि जिला परिषद कैथल के सी ई ओ सुरेश राविश के साथ वीर और अमर शहीद सिपाही रामचंद्र की वीरनारी भरपाई देवी भी मौजूद रहीं।