भारत-पाक युद्ध की आशंका के बीच आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए दमकल विभाग भी सतर्क हो गया है। ऐसे में अब आला अधिकारियों की ओर से दमकल विभाग के कर्मियों को किसी भी सूरत में फायर स्टेशन न छोड़ने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस समय दमकल विभाग के पास पूरे जिले में 12 गाड़ियां हैं। इसमें आग बुझाने वाली दो बाइक भी शामिल है। इसके साथ ही 50 से अधिक कर्मी कार्यरत हैं। इस समय विभाग की ओर से चीका, सीवन, पूंडरी और राजौंद क्षेत्र में यह गाड़ियां खड़ी की गई है। यदि जरूरत पड़ी तो इन गाड़ियों को जिला मुख्यालय में बुलाया जाएगा। कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण- आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए दमकल विभाग के कर्मियों को विभाग के मुख्यालय में कर्मियों को भी प्रशिक्षण भी दिया गया है। इसके तहत शुक्रवार को दमकल विभाग के केंद्र में सभी उपकरणों को चलाकर देखा गया। इसमें विभाग की ओर से प्रयोग की जाने वाली लाइटों से लेकर अन्य उपकरणों को भी चलाया गया। अधिकारियों का कहना था कि यह एक आपातकालीन की स्थिति से निपटने का एक पूर्वाभ्यास रहा है। कैथल के फायर ऑफिसर उत्कर्ष ने बताया कि सरकार व जिला प्रशासन के आदेशों के तहत भारत-पाक युद्ध की आशंका के बीच आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए यह अभ्यास किया गया है। इसके तहत किसी भी फायर कर्मी को स्टेशन नहीं छोड़ने के आदेश जारी किए गए हैं। इसमें सभी कर्मियों को छु्ट्टियों को रद्द कर दिया गया है। दमकल विभाग भी किसी भी आपातकालीन स्थिति में निपटने के लिए तैयार हैं।