जिले में बुजुर्गों को मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए दर- दर भटकना पड़ रहा है। दस्तावेज पूरे होने और उम्र की पात्रता पूरी करने के बावजूद कई बुजुर्ग महीनों से पेंशन का इंतजार कर रहे ह हैं। लेकिन संबंधित विभाग समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिला समाज कल्याण विभाग से मायूस होकर लोगों को खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है। कोई आठ महीने से तो कोई 11 महीने से कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन हर बार उन्हें कोई न कोई बहाना बनाकर टाल दिया जाता है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि कई मामलों में पहले से मिल रही पेंशन भी अचानक रोक दी गई है। एक बुजुर्ग की पेंशन वर्ष 2024 में बंद कर दी गई थी, जिसे अब तक बहाल नहीं किया गया है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं हो रहा। एक बुजुर्ग की हालत तो और भी गंभीर है। घुटनों में दर्द होने के बावजूद वह मजबूरी में बार-बार कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। कैथल के पट्टी अफगान गांव निवासी सतीश कुमार ने बताया कि उनकी सालाना आय 50 हजार है। वह बड़ी मुश्किल से अपना गुजारा करते हैं। उन्होंने बताया कि वह पिछले छह महीनों से अपनी पत्नी सुदेश रानी की लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पेंशन के लिए भटक रहा है। हैरत की बात यह है कि जब इससे परेशान होकर सतीश ने सीएम विंडो पर शिकायत दी, उसके बाद विभाग के कर्मचारियों ने इनका फॉर्म ही यह कहकर रिजेक्ट कर दिया कि उन्होंने पेंशन से संबंधित शिकायत सीएम विंडो पर क्यों की।