गुरुकुल खेड़ा गांव में पंचायती जमीन से पिछले लगभग दो महीने पहले 50 से अधिक पेड़ पंचायत की सहमति से कटवाए गए थे। इन पेड़ों के कटवाने से मिली राशि को पंचायत फंड में सरपंच की तरफ से डलवा दिया गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने सरपंच पर 14 लाख रुपये के पेड़ कटवाने के आरोप लगाए थे। इसको लेकर गांव में विवाद चल रहा था। इसको लेकर गांव में रविवार को पंचायत हुई। इसमें पूर्व सरपंच तेलूराम के अनुसार पहाड़ी कीकर को कटवाने का निर्णय पंचायत में सामूहिक रूप से लिया गया था। उन्होंने बताया कि इनको लगभग 2.50 लाख रुपये में बेचा गया। पंचायती जमीन के आसपास के किसान सांपों और जंगली सुअरों के खतरे के कारण अपने खेतों में जाने से डरते थे। इसके अलावा खुले कुओं से भी दुर्घटना का जोखिम था। पूर्व सरपंच राजेंद्र ने बताया कि पंचायती जमीन के चारों तरफ नहरी पानी के नाले व एक तालाब भी है। झाड़ियों व जहरीले जीवों के कारण इनकी सफाई नहीं हो पाती थी। खेतों तक जाने का रास्ता भी बंद था। इसे अब सफाई के बाद खोल दिया गया है। ग्रामीणों ने अब इस जमीन पर नए पौधे लगाने का निर्णय लिया है।