शहर स्थित किले वाली पुरानी मस्जिद में सोमवार को सामाजिक सदभावना मंच के तत्वावधान में रोजा इफ्तार एवं होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता मंच के संयोजक रामफल दहिया एवं इमाम मोहम्मद इस्माइल ने संयुक्त रूप से की। मुख्यातिथि के रूप में हैबतपुर के सरपंच ऋषिपाल ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं का देश है। यहां विभिन्न धर्मों एवं जातियों और भाषाओं के लोग रहते हैं। फिर भी हमारा देश एकता एवं सामाजिक सदभावना के सूत्र में बंधा हुआ है। होली और ईद जैसे पावन पर्व पर मिल जुलकर रहने का संदेश देते हैं। संयोजक रामफल दहिया ने कहा कि भारत एक गुलदस्ता है, जिसमें सभी रंगों के फूल हैं। हमारे संविधान के अनुसार भारत एक धर्म निरपेक्ष गणतंत्र राष्ट्र है। आज धर्म निरपेक्षता को मजबूत करने की जरूरत है। सेवानिवृत डीआईपीआरओ सुरेंद्र वर्मा ने कौमी एकता पर जोर देते हुए कहा कि आपस में बांटने व नफरत फैलाने वालों से लोगों को सावधान रहने की परम आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मानवता के प्रति समर्पण ही सबसे बड़ा धर्म है। निस्वार्थ भाव से दूसरों की मदद करने दुखी लोगों का सहारा बनने और समाज के कल्याण के लिए काम करने का सर्वोच्च मार्ग है। इस दौरान 30 दिन तक चलने वाले रमजान के 11 वें दिन जुम्मे की नमाज की गई और रोजा इफ्तार पार्टी में प्रसाद ग्रहण किया गया। सभी अतिथियों को चादर भेंटकर उनका मान-सम्मान किया गया। इस अवसर पर सरदार मोहब्बत सिंह, यासीन, ईमानुद्दीन, हसन अली, ईशाक खान भट्टी, अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के जिला युवा प्रधान राजेंद्र सोनी, तिलकराज मिगलानी, जसपाल सिंह, शाहबुद्दीन, जयबीर, महबूब, आफीफ, विजय मोर मौजूद रहे।