विजयदशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपना 100वां स्थापना दिवस मनाया। नगर के एसडी शिक्षण संस्थान में आयोजित शताब्दी स्थापना दिवस समारोह में मुख्य वक्ता रोहतक विभाग प्रचारक प्रदीप रहे जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता रिटायर प्राचार्य डाॅ. श्रीनिवास शर्मा ने की। भारत माता एवं शस्त्र पूजन के उपरांत सैकड़ों स्वयंसेवकों ने नगर में पथ संचलन किया। पथ संचलन एसडी फार्मेसी कॉलेज से प्रारंभ होकर चौपटा बाजार, आंबेडकर चौक, मेन बाजार, यादव धर्मशाला चौक, तीन मूर्ति मंदिर चौक, सिलानी गेट होते हुए फार्मेसी कॉलेज में संपन्न हुआ। पथ संचलन में शामिल स्वयंसेवकों का नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर जोरदार स्वागत किया। संघ स्थापना दिवस कार्यक्रम में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा स्वदेशी सामान की लगाई गई प्रदर्शनी व प्रचार विभाग की साहित्य प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। मुख्य वक्ता रोहतक विभाग प्रचारक प्रदीप ने संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन और संघ की स्थापना विषय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए 100 वर्ष के संघर्ष की व्याख्या की और भविष्य में भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने का लक्ष्य लेकर समाज में काम कर रहे संघ स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंनेक कहा कि आज समस्त समाज संघ को स्वीकार्यता दे रहा है। प्रत्येक क्षेत्र में संघ के स्वंयसेवक उत्तम एवं उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। जिस उद्देश्य को लेकर डॉ. हेडगेवार ने संघ की स्थापना की, उस उद्देश्य को पूरा करने की जिम्मेदारी अब स्वयंसेवकों की है। आरएसएस शाखों के जरिये व्यक्ति निर्माण का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संघ की शाखाएं व्यक्ति निर्माण का केंद्र हैं और हम सभी को अपने बच्चों को शाखाओं में भेजना चाहिए।