साल्हावास। झाड़ली स्थित एपीसीपीएल पावर प्लांट में बॉयलर पर काम कर रहे कर्मचारी के मशीन की चपेट में आकर घायल होने के मामले में कर्मचारियों का धरना, प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। वहीं, घटना की विस्तृत जांच के लिए एपीसीपीएल ने एक समिति का गठन किया गया है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हो। इस दौरान संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष सचिन गोरिया एवं संगठन मंत्री संदीप मास्टर खानपुर ने भूख हड़ताल की। इसके साथ ही आनंद चरखी दादरी और राजपाल अकहेडी मदनपुर ने भी भूख हड़ताल शुरू कर दी है। आने वाले समय में भूख हड़ताल पर अन्य कर्मचारियों के बैठने की उम्मीद जताई जा रही है। यूनियन के अध्यक्ष शमशेर सिंह ने बताया कि प्लांट प्रबंधन की ओर से लगातार सकारात्मक पहल नहीं होने के कारण कर्मचारियों ने अपने आंदोलन को और तेज करते हुए धरना-प्रदर्शन को प्लांट परिसर से स्थानांतरित कर शक्ति द्वार पर शुरू कर दिया, जहां बड़ी संख्या में कर्मचारी एकजुट होकर आंदोलन में शामिल हुए। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र ही कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी एपीसीपीएल प्रबंधन की होगी। संगठन के अनुसार मंगलवार को एपीसीपीएल प्रबंधन के साथ हुई वार्ता में भी कर्मचारियों की मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। इसके बाद करनाल स्थित सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय में भी प्रबंधन और संगठन के बीच वार्ता हुई, लेकिन वहां भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। लगातार वार्ताओं के बावजूद प्रबंधन के सकारात्मक रुख के अभाव में कर्मचारियों ने आंदोलन को तेज करने का ऐलान किया।