बहादुरगढ में भाजपा की अंतर्कलह से विकास कार्य प्रभावित होना शुरू हो गए हैं। पंचायत समिति ने लगभग 8 करोड़ के विकास कार्यों से जुड़े एजेंडे पर बैठक बुलाई थी, लेकिन बैठक में सिर्फ और सिर्फ विरोध ही हुआ। चेयरपर्सन का भी और उनके एजेंडों का भी। बैठक में मौजूद 27 पार्षदों में से 15 ने विरोध दर्ज कराया जिसके कारण कोई एजेंडा पास नहीं हो सका और मजबूरी में बैठक को स्थगित कर दिया। दरअसल पंचायत समिति की चेयरपर्सन वर्षा गौतम भाजपा के पूर्व विधायक नरेश कौशिक समर्थित है, लेकिन भाजपा के दूसरे धड़े से जुड़े पार्षदों ने वर्षा गौतम के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। पार्षदों ने चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी रखा हुआ है। जिस पर बुलाई गई मीटिंग भी स्थगित हो गई थी। अब विरोधी पार्षदों को चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की बैठक का इंतजार है ताकि वो उन्हें कुर्सी से हटाकर किसी और को चेयरपर्सन बना सकें। यही वजह है कि पंचायत समिति में साल भर से कोई काम नही हो पा रहा है और आज हुई बैठक में भी विकास कार्यों पर सकारात्मक नतीजे की जगह सिर्फ और सिर्फ बहस ही हुई। विरोधी पार्षदों के कहना है कि चेयरपर्सन के पास बहुमत नही है जिसके कारण एक महीने में लगातार दूसरी बार चेयरपर्सन को बैठक छोड़कर जाना पड़ा है।जिसका खामियाजा गांवों के लोगों को भुगतना पड़ रहा है जो समिति के खाते से विकास कार्यों की बाट जोह रहे हैं।