कस्बे में फाल्गुन माह की महाशिवरात्री पर मंदिरों की धर्मनगरी भोले बाबा के जयंकारो से गूंज उठा, मंदिरों में जल चढ़ाने वालों की होड़ लग गई। बेरी के बड़ा महादेव के मंदिर में सबसे ज्यादा श्रद्धालु जल चढ़ाने के लिए आए और बच्चे महिलाएं बुजुर्ग हर कोई भोले बाबा की अराधना में लगा था। भक्तों का कहना था कि बेरी के माता भीमेश्वरी देवी मंदिर की तरह बड़ा महादेव महाभारत काल के समय से है। इस मंदिर में आसपास गांव की महिलाएं सजधज कर नाचते गाते हुए पूजा अर्चना के लिए बड़ा महादेव में पहुंचती है। बड़ा महादेव के अलावा बेरी के पंचमुखी, ईमली वाला मंदिर, देवी जी मंदिर ,बालाजी मंदिर, शिव चौक पर शिव मंदिर, नवदेसर मंदिर सहित अनेकों मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया।. मंदिर में पूजा करने आए भक्तों ने बताया कि महाभारत काल से इस मंदिर मे पूजा अर्चना की परंपरा चली आ रही है। अगर कोई पूरा साल मंदिर में ना जाए आज के दिन बड़ा महादेव में जल चढ़ाता है तो उसे पूरे वर्ष का पुण्य मिलता है। धर्मनगरी में ही स्वंयभू मंदिर है।