जैन समाज की ओर से शहर में रविवार को प्रथम पालकी यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में निकाली गई। यात्रा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और नगर को धार्मिक रंग में रंग दिया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, भजनों की मधुर धुन और जयकारों के बीच पालकी नाचते-गाते हुए आगे बढ़ती रही, जिससे पूरा मार्ग भक्तिमय हो उठा। पालकी यात्रा का शुभारंभ महावीर दिगंबर जैन मंदिर, संत कॉलोनी से हुआ। यात्रा रेलवे रोड, रोहतक रोड व मेन बाजार से गुजरते हुए श्री पद्म प्रभु दिगंबर जैन मंदिर पहुंची। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर पालकी का स्वागत किया। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने एक साथ भक्ति गीतों पर नृत्य करते हुए यात्रा को और भव्य बना दिया। श्रद्धालुओं ने हाथों में धर्मध्वज थामे हुए अहिंसा, शांति और सद्भाव का संदेश दिया। पालकी में भगवान की प्रतिमा को आकर्षक रूप से सजाया गया था जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। समाज के प्रवक्ता दीपक जैन ने बताया कि यह पालकी यात्रा प्रथम तीर्थंकर भगवान श्री आदिनाथ के मोक्ष कल्याणक दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित की गई। जिसका उद्देश्य समाज में धार्मिक चेतना को जागृत करना और आपसी भाईचारे को मजबूत करना है। यात्रा के समापन पर मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना की गई तथा प्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने इस प्रथम पालकी यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए इसे भविष्य में भी निरंतर आयोजित करने की इच्छा जताई। इसके बाद यात्रा श्री पद्म प्रभु दिगंबर जैन मंदिर से पाण्डुकशिला पक्षी दाना स्थल अनाजमंडी व श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, अग्रवाल कॉलोनी से होते हुए वापस संत कॉलोनी में पहुंची। इस मौके पर जैन समाज से दीपक जैन, सुनील जैन, अमांशू जैन समेत अन्य मौजूद रहे।