हाईटेंशन तार के लिए झज्जर के करीब तीन दर्जन गांवों से यह लाइन निकाली जानी है। इसके लिए शासन और प्रशासन के साथ किसान संगठन की कई दौर की वार्ता हो गई है, लेकिन किसी भी वार्ता में अभी तक किसानों को खेतों से निकाली जाने वाली हाईटेंशन लाईन के मुआवजे को लेकर समाधान नहीं निकला है।