बहादुरगढ़। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) बहादुरगढ़ में संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी जनविरोधी नीतियों और बिजली क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता इंजीनियरिंग एसोसिएशन की जिला प्रधान मनीता धनखड़, यूनिट प्रधान उमेश और सुमित देशवाल ने संयुक्त रूप से की, जबकि मंच संचालन यूनिट सचिव अमित और राकेश ने किया। प्रदर्शन को संयुक्त किसान मोर्चा, किसान मजदूर उत्थान मोर्चा, शहीद यादगार कमेटी, बिजली उपभोक्ता मंच, किसान सभा, रिटायर्ड कर्मचारी संघ, जनकल्याण मंच, ओबीसी ब्रिगेड सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने समर्थन दिया। वक्ताओं ने सरकार पर बिजली क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा देने और कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने सरकार से एग्रो डिस्कॉम योजना और नूंह-गुरुग्राम में निजी कंपनियों को दिए गए बिजली वितरण लाइसेंस रद्द करने, स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने, दस वर्ष से अधिक समय से कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने, समान काम के लिए समान वेतन लागू करने तथा एक्स-ग्रेशिया नीति में सुधार की मांग की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।