जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं एमडीडी आफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में चलाई जा रही बाल विवाह मुक्ति रथ यात्रा शनिवार को फोर्ट पुरा, तामसपुरा, बीर छुछकवास, छुछकवास और मातनहेल गांव पहुंची। गांव के लोगों ने रथ यात्रा को खूब सराहा और कहा कि उन्होंने पहली बार इस तरह की रथ यात्रा को देखा है। सरपंचों, पंचायत सदस्यों, अध्यापकों ने बाल विवाह मुक्ति रथ यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लिया। मातनहेल गांव की सरपंच विजयलता ने कहा कि बाल विवाह मुक्ति रथ यात्रा लोगों की सोच में बदलाव लाएगी और बेटियों का उज्ज्वल भविष्य बनेगा। ग्राम सचिव अक्षय ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम होते रहते हैं, जिससे लोग लाभान्वित होते हैं। कार्यक्रम में साइबर क्राइम के बारे में विस्तार से बताया। छुछकवास गांव के सरपंच महावीर ने कहा आज भी झज्जर जिले के कुछ गांव ऐसे हैं जिनमें लड़कियों को उच्चतम शिक्षा नहीं मिलती। जैसे ही लड़की बारहवीं में हुई, उनकी शादी के बारे में सोचना शुरू कर देते हैं। ऐसे बाल विवाह मुक्ति रथ यात्रा ऐसे लोगों की सोच में बदलाव लाएगी। इस अवसर पर सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता संदीप जांगड़ा, सरपंच फोर्ट पुरा मनीष, ग्राम सचिव अक्षय, छुछकवास सरपंच महावीर, बीड छुछकवास अभिमन्यु, मातनहेल सरपंच विजयलता मौजूद रहे।