कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि विश्वविद्यालयों को अनुसंधान एवं औद्योगिक संस्थाओं के बीच मजबूत साझेदारी विकसित करनी होगी। कृषि और उद्योग के बीच समन्वय दोनों की आवश्यकता है। जलवायु परिवर्तन के सहनशील फसलें न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगी, बल्कि खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को भी सुदृढ़ करेंगी। हमें ज्वार, बाजरा, रागी जैसे मिलेट्स के निर्यात को भी बढ़ावा देना होगा। केयूके व एमडीयू के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा बुधवार को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के इंदिरा गांधी ऑडिटोरियम में डेसीफरिंग दी पोटेंशियल ऑफ क्लाइमेट रेजिलिएंट फंक्शनल क्रॉप फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर एंड एग्रो-इंडस्ट्रीज (डीपीसीएफसी-एसएएआई-2026)’ विषय पर स्पार्क परियोजना के अंतर्गत तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते थे।सम्मेलन शिक्षा मंत्रालय की ‘स्पार्क’ परियोजना के अंतर्गत मैसी यूनिवर्सिटी न्यूज़ीलैंड के सहयोग से आयोजित किया गया।