गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने हाल ही में नए रोजगारपरक कोर्स शुरु किए हैं। पेरामेडिकल कोर्सों में बीएससी नर्सिंग तथा पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग कोर्स शुरू करने वाला गुजविप्रौवि हरियाणा प्रदेश का पहला शैक्षणिक विश्वविद्यालय बन गया है। विश्वविद्यालय शैक्षणिक सत्र 2026-27 में भी नए रोजगारपरक कोर्स आरंभ करने की योजना बना रहा है। विश्वविद्यालय आधुनिक मॉडल के आधार पर उद्योगों की मांग पर आधारित कोर्सों के साथ-साथ ड्रोन टेक्नोलॉजी, कृत्रिम बोद्धिकता, भारतीय ज्ञान परम्परा तथा मेंटल हैल्थ एंड ह्युमन वैल-बींग में सेंटर आॅफ एक्सिलेंस भी स्थापित करेगा। नए सत्र में एएनएम के कोर्स भी शुरु होंगे। कुलपति कार्यालय के कमेटी हॉल में नववर्ष के उपलक्ष्य पर हुई पत्रकार वार्ता में कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्हाेंने बताया कि विश्वविद्यालय ने गत दो शैक्षणिक सत्रों में 25 से अधिक स्नातक (अंडरग्रेजुएट) और स्नातकोत्तर (पोस्टग्रेजुएट) पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। विश्वविद्यालय द्वारा 21 ओडीएल तथा 40 ऑनलाइन कोर्स भी शुरू किए गए हैं। विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या गत दो शैक्षणिक सत्रों में 5500 से बढ़कर 13000 हो गई है। इनमें 850 शोधार्थी हैं। विश्वविद्यालय की शोध तथा शैक्षणिक उत्कृष्टता को देखते हुए प्रतिष्ठित फंडिंग एजेंसियों द्वारा रिसर्च प्रोजेक्टस दिए जा रहे हैं। गुजविप्रौवि को राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत 10.00 करोड़रूपये के प्रोजेक्ट मिले हैं तथा एएनआरएफ पेयर स्कीम के तहत भी 10.00 करोड़ अनुदान प्राप्त हुआ है। ग्लोबल इनिशिएटिव आॅफ एकेडमिक नेटवर्क्स (ज्ञान) कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालय ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय को 25 प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए हैं। विश्वविद्यालय की दुनिया के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के साथ और अधिक सहयोग बढ़ाने की योजना के तहत ये प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए गए हैं। विश्वविद्यालय तथा प्रतिष्ठित विदेशी शिक्षण संस्थानों के शिक्षक व शोधार्थी आपस में एक दूसरे विश्वविद्यालय में जाकर शोध व शिक्षण कार्य कर सकेंगे। साथ ही दोनों संस्थान विद्यार्थियों को संयुक्त डिग्री व सर्टिफिकेट प्रदान करेंगे। इससे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार पाने के और अधिक अवसर मिलेंगे। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि विश्वविद्यालय का स्कोपस पब्लिकेशन 5700 तक पहुंच चुका है तथा साइटेशन 130000 पार कर चुका है। विश्वविद्यालय का एच-इंडेक्स भी 139 तक पहुंच चुका है, जो कि हरियाणा के सभी विश्वविद्यालयों से श्रेष्ठ है।