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हिसार अनाज मंडी में रात के समय कर्मचारी तैनात, मौसम में नमी के चलते गेहूं की आवक नहीं

मंडी में रात के समय भी कर्मचारी गेट पास काटने के लिए जमे रहे। रात भर इंतजार करने के बाद भी एक भी किसान गेहूं या सरसों लेकर नहीं पहुंचा। मंडी में रात को सन्नाटा छाया रहा। वहां पर एक चौकीदार डंडा लेकर घूमता रहा तो कुछ शराबी किस्म के आदमी भी मंडी में घूमते दिखाई दिए। रात को मंडी में किसानों के ठहरने की व्यवस्था न होने के कारण भी किसान रात को नहीं आ रहे। प्रदेश सरकार ने अब मंडियों में रात को भी किसानों के लिए गेट पास सुविधा शुरू की हैं। रात को किसान मंडी में अपनी फसल लेकर आ सकता है। इस सुविधा के हकीकत को जानने के लिए अमर उजाला ने देर रात मंडी का निरीक्षण किया। वहां गेट पर एक कर्मचारी तैनात मिला। वह मंडी में किसानों के फसल लेकर आने का इंतजार कर रहा था लेकिन रात 12 बजे तक कोई भी किसान नहीं आया। मंडी में सन्नाटा छाया था। कुछ आगे बढ़ने पर देखा कि एक चौकीदार किसानों व आढ़तियों की फसल को पशुओं से बचाने के लिए डंडा लेकर घूम रहा था। मंडी में रात को गोवंश का जमावड़ा था। चौकीदार गायों को मंडी से बाहर निकालने के लिए डंडा लेकर उन्हें हांक रहा था। कुछ शराब किस्म के आदमी भी वहां घूमते मिले। रात के समय पूरी मंडी की सुरक्षा केवल एक चौकीदार के सहारे चल रही थी। रात को केवल सरसों का एक ट्रक मंडी से निकला : रात के समय किसान तो फसल लेकर नहीं आए लेकिन एक आढ़ती का सरसों से भरा हुआ ट्रक माल लेकर गोहाना मिल के लिए निकला। गेट पर एंट्री करने वाले कमल ने बताया कि ट्रक का गेट पास जारी हुआ है। रात के समय किसान आने को लेकर उसकी विशेष ड्यूटी लगाई है। बुधवार रात को एक भी किसान नहीं आया है। अब किसान 24 घंटे में कभी फसल लेकर आ सकता है। किसान मंडी में रात तो दूर दिन में ही कम पहुंच रहे-किसानों की गेहूं की फसल मंडी में पड़ी है मगर नमी का बहाना बना कर उनकी फसल को खरीदा नहीं जा रहा है। आढ़ती समर्थन मूल्य से कम में 2,585 रुपये में खरीद रहे हैं। इससे किसानों को परेशानी हो रही है। किसान को भाव ना मिलने के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है। रात को मंडी में फसल लेकर आने वाले किसान के लिए ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं है। -सुरेश कुमार, किसान नेता ढाड। मंडी की शेड पर आढ़तियों का है कब्जा किसान रात के समय तो क्या दिन के समय भी फसल लेकर आए तो उसे शेड के नीचे फसल रखने तक की जगह नहीं मिलती है। किसानों के लिए बनाई गई शेड के नीचे आढ़तियों की फसल रहती है। अब किसान अपनी फसल लेकर रात को कहां जाए। शेड से बाहर रखे तो बारिश के मौसम में फसल खराब होने का डर बना रहता है। प्रशासन को इस बारे में सख्त कदम उठाने चाहिए। -महेंद्र सिंह, किसान नेता, ढाड। नमी होने के कारण नहीं हो रही गेहूं की खरीद अभी गेहूं में काफी नमी मिल रही है। सामान्य तौर पर गेहूं में 15 से 25 प्रतिशत नमी पाई जा रही है। जिस कारण सरकारी खरीद भी नहीं हो रही है। इसके लिए 14 प्रतिशत नमी की फसल खरीद का नियम है। सरकार ने गेहूं का इस बार समर्थन मूल्य 2,585 रुपये रखा है। आढ़ती इससे कम भाव पर गेहूं खरीद रहा है तो किसान नहीं दे रहे हैं। अब मौसम खुलने के बाद नमी खत्म होने पर ही गेहूं की खरीद संभव है। -मनीरथ, आढ़ती, नई अनाज मंडी, हिसार। मंडी में रात को है दो चौकीदार तैनात : हिसार अनाज मंडी में रात के समय दो चौकीदार तैनात है। यह चौकीदार रात के समय मंडी की सुरक्षा करते हैं। साथ ही मंडी में पशुओं से फसल को बचाने के लिए विशेष ड्यूटी देते हैं। रात के समय अकसर गाय फसल को खा जाती है। -अशोक कुमार, सुपरवाइजर, अनाज मंडी, हिसार।

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