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हिसार में मदर्स डे पर अमर उजाला ने सीमा पर पहरा देने वाले जवानों की मां से की बातचीत

जिनके लाल आज देश की सीमा पर तनाव के बीच अपनी जान जोखिम में डालकर डटे हुए है। उन्हीं की बदौलत हम सभी हिफाजत है और चैन की नींद ले पा रहे हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर सीमा पर डटे हमारे जवानों की मां ने एक टूक में कहा है कि पहले अपनी धरती मां को सुरक्षित हाथों में देकर ही घर आना। तब तक सीमा पर लड़कर दुश्मनों के दांत खट्टे करना। इसी कड़ी में कुछ मां ने बयां किया कि उनकी चार से पांचवीं पीढ़ी देश सेवा के लिए समर्पित है। जोकि अपने पूर्वजों के संरक्षण में देश सेवा कर रहे हैं तो कुछ मां ने तनाव की स्थिति में अपने लाल को याद कर इसे गर्व के पल बताए। मेरे दोनों बेटे पंकज व प्रवीन सेना में है। पंकज आर्मड फोर्स में है जबकि छोटा बेटा प्रवीन एयरफोर्स में है। मेरे लिए गर्व के पल है कि मेरे दोनों बेटे देश की सेवा में सीमा पर डटे हुए है। पिता भी सूबेदार रह चुके है। इन्होंने भी देश सेवा के लिए काफी जोखिम उठाए है। मेरी यही कामना है कि मेरे बेटे पहले अपनी धरती मां को सुरक्षित करें फिर खुद भी सुरक्षित घर लौटे। ताकि मेरा कलेजा में भी ठंडक पड़े। - मां सुनीता, गांव बास, जिला दादरी। मैंने भी सेना में सूबेदार पद पर बारमुल्ला में देश की सेवा की है। जिसमें कई जोखिम उठाए। लेकिन अब मेरा बेटा सुनील भी बारमुल्ला में अपनी सेवाएं दे रहा है वह भी सेना में है। मेरे लिए गौरव के पल है कि मेरे नक्शे कदम पर मेरा बेटा चल रहा है और देश की सेवा कर परिवार व देश का नाम रोशन कर रहा है। मेरी कामना है कि वह देश को विजय कर घर जल्दी लौटे। मां शंकुतला देवी ने भी लाल को आर्शीवाद देकर देश सेवा में तत्पर रहने के लिए कहा। -पिता सतबीर, कैंट समीप निवासी, हिसार। मेरा बेटा सीमा पर डटा हुआ है। 5वीं पीढी है जोकि देश की सेवा कर रही है। इससे पहले मेरे ससुर, पिता, पति और अब बेटा अरविंद देश की सेवा कर रहा है। मैं ये दिन कभी नहीं भूलूंगी कि वह सीमा पर दिन-रात डटा हुआ है। -मां गीता, गांव सनकपुर, जिला दादरी। मेरे कुल तीन बेटे है, जिसमें से दो बेटे रवि व राहुल सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मेरे लिए गर्व की बात है कि मेरे दोनों बेटे देश के लिए न्यौछावर होने के लिए सीमा पर डटे हुए है। मेरा बेटा पहले अपनी धरती मां को सुरक्षित करेगा उसके बाद घर आएगा। मेरी तीन पीढी जिसमें काक ससुर-ससुर, पति व अब बेटे सेना में सेवाएं दे रहे हैं। -मां सीमा, गांव गौरीपुर, जिला भिवानी।

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