हांसी जिले के गांव सौरखी के अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल को फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के मुक्केबाज के हाथों 5-0 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि फाइनल में हार के बावजूद नरेंद्र ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। हार के बावजूद सिल्वर मेडल जीतने पर भी पूरे सौरखी में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया और नरेंद्र व उनके परिवार को बधाई देने वालों का तांता लग गया। आपको बता दें कि 4 अगस्त को भारत पहुंचने पर भारतीय सेना की ओर से नरेंद्र बेरवाल का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद 5 अगस्त को अपने पैतृक गांव सौरखी पहुंचने पर ग्रामीणों की ओर से उनका भव्य स्वागत और सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। परिवार और ग्रामीण स्वागत की तैयारियों में जुटे हुए हैं। नरेंद्र की माता रोशनी देवी ने कहा कि बेटे की उपलब्धि पर उन्हें बेहद गर्व है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उन्होंने नरेंद्र को दूध, घी और हलवा खिलाकर मजबूत बनाया और आज वही बेटा अपने मुक्कों से देश का नाम रोशन कर रहा है। पिता जगदीश बेरवाल ने कहा कि उन्हें गोल्ड मेडल की उम्मीद थी, लेकिन सिल्वर मेडल भी किसी उपलब्धि से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा जहां भी प्रतियोगिता खेलने जाता है, देश के लिए कोई न कोई पदक जरूर जीतकर लौटता है। गांव के राजेंद्र सोरखी ने कहा कि नरेंद्र की सफलता पूरे गांव और जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र लगातार अपने प्रदर्शन से क्षेत्र और देश का नाम रोशन कर रहा है। बॉक्सिंग कोच अमित कुमार ने कहा कि खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया है और उन्हें इस उपलब्धि पर गर्व है। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को शुरुआत से ही बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलें, तो वे भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।