अग्रोहा खंड के गांव नंगथला को सरकार ने करीब छह वर्ष पूर्व महाग्राम का दर्जा दिया था, लेकिन इसके बावजूद गांव में आज भी समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। गांव में करीब आठ हजार मतदाता हैं। गांव की अपनी जमीन पर वर्ष 2003-04 में बिजली का सब स्टेशन बनाया गया था। इसके बावजूद ग्रामीणों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की बजाय पिछले एक वर्ष से अधिक समय से करीब 15-16 घंटे ही बिजली मिल रही है। इससे घरेलू कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, गांव की आबादी के हिसाब से सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण नालियों, गांव के मार्गों और सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर की समस्या भी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मात्र छह सफाई कर्मचारी हैं, जबकि आबादी के हिसाब से कम से कम 10 सफाई कर्मचारियों की जरूरत है। इसके अलावा गांव में दो जलघर और एक बूस्टिंग स्टेशन होने के बावजूद ग्रामीणों को पर्याप्त और शुद्ध नहरी पानी नहीं मिल पा रहा है। नहरों में कम समय तक पानी चलने और जलघरों में टैंकों की संख्या कम होने के कारण नहरी पानी में ट्यूबवेल का पानी मिलाकर आपूर्ति करनी पड़ती है। इससे हर घर तक शुद्ध नहरी पानी नहीं पहुंच पा रहा। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए महंगे दाम पर टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। वहीं, गांव की कई ढाणियों में पेयजल पाइपलाइन नहीं पहुंचने के कारण भी ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।