हांसी। हांसी जिले के गांव सोरखी निवासी बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग में रजत पदक हासिल कर क्षेत्र और देश का नाम रोशन किया है। 9 अगस्त को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान नरेंद्र बेरवाल ने भी प्रधानमंत्री से मुलाकात की और अपने खेल सफर से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया, जिसे सुनकर प्रधानमंत्री मोदी भी हंस पड़े। नरेंद्र बेरवाल ने साल 2015 के वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स का किस्सा सुनाते हुए बताया कि उनकी पहली फाइट पाकिस्तान के बॉक्सर के साथ हुई थी। उस समय आर्मी अधिकारियों की ओर से खिलाड़ियों पर यह दबाव था कि पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला किसी भी हालत में नहीं हारना है। नरेंद्र ने मुकाबला जीत लिया, लेकिन फाइट के दौरान दोनों बॉक्सरों के सिर आपस में टकरा गए, जिससे दोनों को चोट लग गई। उन्होंने बताया कि चोट के कारण उन्हें और पाकिस्तानी बॉक्सर को एक साथ अस्पताल जाना पड़ा और दोनों को टांके लगवाने पड़े। इसी दौरान पाकिस्तानी बॉक्सर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि तुम्हारा नाम नरेंद्र है, तुम्हारे कोच का नाम नरेंद्र राणा है और तुम्हारे देश के प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंद्र है। अब तो मुझे नरेंद्र नाम से ही नफरत हो गई है। नरेंद्र बेरवाल का यह किस्सा सुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मुस्कुरा पड़े। नरेंद्र बेरवाल ने कहा कि देश के लिए खेलना और मेडल जीतकर लाना उनके लिए बेहद गर्व की बात है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना भी उनके लिए गौरव का क्षण रहा। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी एशियन गेम्स में मेडल जीतने के बाद प्रधानमंत्री से मुलाकात का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें प्रोत्साहित करने से खिलाड़ियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और देश के लिए खेलने तथा पदक जीतने की भावना और मजबूत होती है। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को आने वाले एशियन गेम्स के लिए शुभकामनाएं देते हुए देश के लिए और अधिक पदक जीतने के लिए प्रेरित किया। नरेंद्र बेरवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान खिलाड़ियों को जिस तरह मोटिवेट किया गया, उससे उन्हें काफी अच्छा महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का सम्मान और उनका उत्साहवर्धन नई पीढ़ी को भी खेलों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।