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हांसी : चानौत का जल आंदोलन अब बना ग्रामीणों के पेयजल अधिकार का संघर्ष

सुनील कुमार Updated Tue, 14 Jul 2026 03:41 PM IST

नवीन शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी हांसी के गांव चानौत में चल रहा जल आंदोलन अब केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि ग्रामीणों के पेयजल अधिकार के लिए संघर्ष का रूप ले चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी शुरुआत से ही केवल एक मांग रही है कि शहर की पाइपलाइन से टी-कनेक्शन के माध्यम से गांव को पेयजल उपलब्ध कराया जाए। 17 को जींद में पीएम नरेंद्र मोदी की रैली है। जबकि ग्रामीण 15 जुलाई को ही वहां पहुंच जायेंगे। पानी टी के माध्यम से अपनी आवाज को बुलंद करेंगे। हरियाणा के हरेक गांव से इस आंदोलन को जन समर्थन मिल रहा है। आज कंवारी गांवों के लोगों ने अपना समर्थन दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार अमृत-2 योजना के तहत शहरी पाइपलाइन से टी-कनेक्शन देकर पानी देने को अवैध बता रही है, जबकि आंदोलन से जुड़े लोगों का दावा है कि वे कर्नाटक से ऐसे कई उदाहरण है । इसके दस्तावेज हमने मीडिया के सामने साझा भी किए हैं। जहां इसी प्रकार टी-कनेक्शन के माध्यम से गांवों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस बीच आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। ग्रामीण महिलाओं और किसानों ने घोषणा की है कि 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जींद दौरे के दौरान वे अपनी मांग को जोरदार तरीके से उठाएंगे। ग्रामीणों का कहना है कि वे 15 जुलाई से ही जींद पहुंचना शुरू कर देंगे और वहां टी-कनेक्शन के जरिए पानी देने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेंगे। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि आंदोलन समाप्त करने का केवल एक ही रास्ता है। सरकार गांव को टी-कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध करा दे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांग नहीं मानी तो बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण जींद पहुंचेंगे तथा प्रधानमंत्री के समक्ष अपनी मांग रखेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान होगा और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमें टी-कनेक्शन के माध्यम से गांव को पानी उपलब्ध करवाएंगे। किसान नेता सुरेश कोथ ने हांसी के विधायक विनोद भयाना और जनस्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने टी-कनेक्शन के माध्यम से गांव को पानी नहीं देने की जिद पकड़ रखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी जिद के कारण सरकार अलग पाइपलाइन बिछाने पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, जबकि टी-कनेक्शन के जरिए कम लागत में गांव को पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है। सुरेश कोथ ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों नेता प्रॉपर्टी डीलर है ।उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, अगर प्रॉपर्टी डीलर ही बनना था, तो विधायक और मंत्री क्यों बने।

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