भारतीय किसान यूनियन संघर्ष समिति प्रदेश अध्यक्ष दलजीत पंघाल ने बताया कि 24 फरवरी को किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरुनाम चढूनी हिसार पहुंच रहे है। किसान क्रांतिमान पार्क एकत्रित होकर लघु सचिवालय में डीसी को ज्ञापन पत्र सौंपने जाएंगे। जिसमें 5,000 करोड़ से अधिक के घोटाले की सीबीआई से जांच की मांग करेंगे। 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अवैध व संदिग्ध रकबा सत्यापन किया गया। 4,83,897 किसानों की ओर से 28,80,192 एकड़ गैर-बासमती धान पंजीकृत की गई, परंतु कृषि विभाग ने 30,16,285 एकड़ भूमि वेरीफाई कर दी। 1,36,116 एकड़ अधिक है। कई जगह नदी, नाले, अवैध कॉलोनियों, पॉपुलर /गन्ना/अन्य फसलों वाले खेतों को भी धान का रकबा दिखाकर स्थापित किया गया। जो गंभीर जालसाजी है। यह घोटाला सुनियोजित था। अवैध चावल धान की एंट्री, फर्जी गेट पास, जीपीएस कैमरा जांच का अभाव बिना वाहन आए आऊट गोइंग गेट पास काटे गए। गरीबों के लिए निर्धारित पीडीएस चावल का दुरुपयोग अन्य राज्यों से मंगवा कर पीडीएस का चावल सस्ते में शैलरों को बेचा गया।। इस वर्ष बाढ़ के कारण कई जिलों में लाखो एकड़ भूमि की फसल खराब हुई है। इसके बावजूद किसानों को आज तक मुआवजा नहीं मिला है।