हिसार -सिरसा राष्ट्रीय राजमार्ग नौ पर स्थित अग्रोहा के ऐतिहासिक टीले पर उत्खनन कार्य करीब सवा आठ महीने बाद रविवार को फिर शुरू हो गया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, ग्रेटर नोएडा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय परिसर के पुरातत्व संस्थान के पीजीडीए छात्रों के 2026 बैच के उत्खनन शिविर का औपचारिक शुभारंभ रविवार को किया गया। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. भुवन विक्रम और चंडीगढ़ मंडल के अधीक्षण पुरातत्वविद कामेई अथोइलु कबुई ने कार्य की शुरुआत की। पुरातत्व विभाग और शोध छात्र टीम ने अग्रोहा टीले पर अपने शिविर का डेरा डाल दिया है। चंडीगढ़ मंडल के उप-अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. अर्खित प्रधान ने बताया कि इस उत्खनन प्रशिक्षण शिविर की अवधि 60 दिन है, जिसमें पीजीडीए छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और पुरातत्व अनुसन्धान का प्रशिक्षण दिया जाएगा। डॉ. अर्खित ने कहा कि इससे पहले पिछले वर्ष बारिश का मौसम होने से 31 मई से खोदाई का कार्य बंद कर दिया था। बारिश का मौसम होने से खोदी गईं खाइयों की सुरक्षा के लिए प्लास्टिक के त्रिपाल से ढक दिया गया था। अब खोदाई कार्य शुरू होने से पहले दिन रविवार को एक छात्र को अभी एक चतुर्भुज पर खोदाई पर लगाया गया। इसलिए दौरान टीले पर 10 वाई 10 मीटर के 9 वर्ग में से 16 चतुर्थांश पर खोदाई शुरू कर दी गई है। इस अवसर पर पुरातत्व संस्थान, ग्रेटर नोएडा की अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. गौतमी भट्टाचार्य, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण पुरातत्व संस्थान के पीजीडीए छात्र, एएसआई, चंडीगढ़ मंडल के अधिकारी और शोधार्थी मौजूद रहे।