ई-सिटी बसों सेवाओं के शुरु होने से पहले ही उनका विरोध शुरु हो गया। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य उप प्रधान राजकुमार चौहान की अध्यक्षता में कर्मचारियों ने रोडवेज परिसर में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 26 जनवरी को हिसार व अन्य कई डिपो से इलेक्ट्रिक बसों चलाने के निर्णय का विरोध करते हैं। यह बसें 62 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से चलने का निर्णय है। उसके विरोध में सरकार से मांग करते हुए बताया कि एक इलेक्ट्रॉनिक बस के बदले में साधारण 6 बसे आती हैं। जो पूरे हरियाणा प्रदेश में सभी डिपो में 50-50 बसें लेने का निर्णय है अगर उसकी जगह पर साधारण 300 /300 बसें प्रत्येक डिपो के बेड़े में शामिल हो तो हरियाणा प्रदेश में लगभग 7200 से अधिक बसें उपलब्ध होंगी। एक बस पर छह बेरोजगारों को रोजगार मिलता है। विभाग में 10 हजार सरकारी बसें शामिल की जाती है तो 60 हजार बेरोजगारों को रोजगार मिलता है। शनिवार को रोडवेज बसों का डाबड़ा रूट पर ट्रायल किया गया। इससे पहले शुक्रवार को हिसार से मुकलान तक ई-सिटी बस का ट्रायल सफल रहा। गणतंत्र दिवस पर महाबीर स्टेडियम में मुख्य अतिथि खेल मंत्री गौरव गौतम बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। हिसार डिपो को मिली पांच बसों में से तीन बस मुकलान और दो बस डाबड़ा तक चलाई जाएगी। रोडवेज की ओर से हर आधा घंटे बाद ई-सिटी बसों की सुविधा देने का दावा किया गया है। हिसार से मुकलान के लिए रोजाना सुबह सात बजे और डाबड़ा के लिए सुबह छह बजे बस रवाना होगी। दोपहर तीन बजे तक बसों की पासिंग होने के बाद शाम चार बजे मुकलान तक ई-सिटी बस का ट्रायल लिया गया। इस दौरान बस में रोडवेज महाप्रबंधक डॉ. मंगलसैन के साथ इंस्पेक्टर भागीरथ, डीआई प्रेम सागर, बिल्डिंग क्लर्क प्रदीप कुमार, क्लर्क राममेहर आदि बस में रवाना हुए। रोडवेज अधिकरियों की मानें तो 35 मिनट में मुकलान तक सफर तय किया गया है। बसों में चार्जिंग कम होने के कारण डाबड़ा तक ट्रायल नहीं लिया जा सका। वहीं, अभी तक सभी चालक भी नहीं पहुंचे हैं।