श्रीनिकुंज बिहारी रासलीला मंडल वृंदावन के निर्देशक कुंजबिहारी शर्मा (भैय्याजी) की देखरेख में 30 कलाकारों ने मंगलवार की रात को माखन चोरी रासलीला प्रस्तुत की गई। अग्रसेन भवन में आयोजित रासलीला में गोपियों की अभिलाषा रहती है कि श्रीकृष्ण हमारे घर आकर माखन-मिश्री का भोग लगायें। श्रीकृष्ण सखाओं के साथ जब माखन चोरी करते हैं तो गोपी उनको पकड़ लेती हैं। उन्हें बांधना चाहती हैं ताकि अधिक समय तक दर्शन लाभ ले सकें परंतु श्रीकृष्ण उल्टा उसे ही बांध देते हैं। गोपियां मां यशोदा के पास उलाहना लेकर जाती हैं। यशोदा व नंद बाबा द्वारा शांडिल्य ऋषि से गणेशजी का अनुष्ठान करवाया जाता है जिससे श्रीकृष्ण-बलराम दोनों की बुद्धि में परिवर्तन हो। गणेश को मोदक का भोग लगाया जाता है, जिसे श्रीकृष्ण व सखा उठाकर खा जाते हैं। मां यशोदा जब श्रीकृष्ण को मारने के लिये छड़ी उठाती हैं तो स्वयं गणेश प्रकट हो जाते हैं और मां यशोदा से कहते हैं कि वो भोग मैंने ही खाया था। वृंदावन के कलाकारों ने माखन चोरी लीला का सुंदर झांकियों के साथ मंचन किया तो उपस्थित श्रद्धालु आनंदित हो उठे। उल्लेखनीय है कि मंडल द्वारा भारत वर्ष ही नहीं विदेशों में भी श्रीकृष्ण की लीला का मंचन किया गया है। मंडल से जुड़े कलाकार श्रीकृष्ण की भक्ति का वर्ष भर प्रचार-प्रसार करते रहते हैं।