अंबाला के नारायणगढ़ थाने से लगभग 15 किलोमीटर दूर गांव रतौर पिछड़े इलाकों में शुमार है। जहां सुविधाओं के नाम पर टूटी और बारिश में दरकी सड़कें हैं। गांव का नाम ऐसे हत्याकांड के नाम से सामने आएगा ऐसा किसी ने सोचा भी नहीं होगा। आरोपी भूषण की अपने भाई और उसके परिवार से नफरत कोई नई नहीं, बल्कि यह कई साल से पनप रही थी। कई बार तो ग्रामीणों ने भी दोनों के बीच हो रहे झगड़े में बीच-बचाव कराया। इसके बाद कुछ दिन सब ठीक चलता, तो फिर दोनों भाई सड़क पर झगड़ा करते दिखाई देते। इतना ही नहीं इस पारिवारिक कलह ने घर की महिलाओं को भी नहीं बख्शा। वे भी नारायणगढ़ के महिला थाने तक पहुंच गईं।