पैक्स कर्मचारी महासंघ हरियाणा ने सहकारिता विभाग से जुड़ी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सोमवार को दो दिवसीय धरना जिला कार्यालय के बाहर शुरू किया। इस दौरान संघ के जिला प्रधान अमृतलाल नैन, पदाधिकारी रोहताश कुमार, सतबीर शर्मा, विनोद कुमार आदि ने कहा कि सहकारिता विभाग की सबसे अहम इकाई पैक्स में लगभग 3000 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें प्रबंधक, सेल्समैन, लिपिक और सेवादार शामिल हैं, लेकिन वर्षों से उनकी मांगों का समाधान नहीं हो पाया है। महासंघ के अनुसार पैक्स कर्मचारी सेवा नियम 2014 (संशोधित 2017) में कई विसंगतियां हैं। 1 जनवरी 2016 से वेतन निर्धारण के दौरान मूल वेतन की गणना सही ढंग से नहीं की गई, जिससे कर्मचारियों को नुकसान हुआ। विभागीय कमेटी द्वारा 2018 में दी गई रिपोर्ट को भी अब तक लागू नहीं किया गया। इसके अलावा डीए और इंक्रीमेंट के लिए जीएम, डीसीसीबी से एजेंडा जारी कराने की शर्त को अव्यावहारिक बताते हुए हटाने की मांग की गई है। महा संघ ने मेडिकल भत्ता 500 रुपये बढ़ाने, ग्रेच्युटी की 5 लाख की सीमा समाप्त कर अन्य सहकारी संस्थाओं की तर्ज पर 20 लाख करने, इंडोर मेडिकल सुविधा कर्मचारियों के परिजनों तक लागू करने तथा एक्स-ग्रेशिया सहायता नीति में संशोधन की भी मांग उठाई है। यात्रा भत्ते की दरें बढ़ाने, एलटीसी/एचआरए की सुविधा देने और लिपिक पद पर 10 प्रतिशत पदोन्नति तत्काल लागू करने की भी मांग शामिल है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।