फतेहाबाद/कुलां। राइस मिलर खरीफ वर्ष 2025-26 के चावल की डिलीवरी न होने और बैंक गारंटी और एफडीआर जारी न किए जाने से परेशान हैं। बुधवार सुबह अमन धारसूल की अध्यक्षता में जिले भर के राइस मिलरों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त डॉ.विवेक भारती से मिला। राइस मिलर्स ने कहा कि उनका चावल तैयार है लेकिन डिलिवरी नहीं ली जा रही है। अगर जल्द डिलिवरी नहीं ली गई तो वह प्रशासन को चाबियां सौंप देंगे। राइस मिलर्स ने डीसी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मिलरों ने खरीफ 2025-26 के सीएमआर की डिलिवरी जल्द शुरू करवाने, बैंक गारंटी व एफडी रिलीज करवाने के संबंध में ज्ञापन सौंपा। मिलरों ने ज्ञापन में कहा कि उनके पास चावल तैयार पड़ा है और वे सरकारी खरीद एजेंसियों को डिलीवरी देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने मांग की कि खरीद एजेंसियों को निर्देश दिए जाएं कि वे तैयार चावल तुरंत अपने गोदामों में उठाएं। चावल की डिलिवरी होते ही मिलरों की एफडी और बैंक गारंटी तुरंत रिलीज की जाए। जिन मिलरों का सीएमआर तैयार है, उनकी डिलीवरी और भुगतान में देरी न की जाए। चावल में खराबा या शॉर्टेज की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होनी चाहिए। भविष्य में मिलरों पर होल्डिंग चार्ज न लगाया जाए। मिलरों ने कहा कि अगर समय पर सीएमआर डिलिवरी नहीं ली गई तो उन्हें पॉलिसी अनुसार चावल एफसीआई को देना पड़ेगा, जबकि एफसीआई के पास भी जगह नहीं है। इस दौरान निर्मल सिंह प्रधान कुलां, सुखदीप सिंह प्रधान शहरी रतिया, जगविंदर सिंह प्रधान ग्रामीण रतिया व जसपाल बांसल प्रधान टोहाना उपस्थित रहे। - मिलरों ने ये भी कहा कि यदि गोदामों में जगह न होने या एजेंसियों की तरफ से हुई देरी के कारण चावल खराब होता है या उसमें कोई शॉर्टेज आती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित खरीद एजेंसियों की ही होगी और भविष्य में यदि एजेंसियां राइस मिलरों पर किसी भी प्रकार का होल्डिंग चार्ज लगाती हैं, तो राइस मिलर उसका भुगतान करने के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे। राइस मिलरों ने डीसी से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर समाधान करवाने की गुहार लगाई है ताकि उन्हें भारी आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।