फतेहाबाद में शिक्षा विभाग से करीब सात साल हटाए गए प्रेरकों ने दोबारा विभाग में लगाने की मांग को लेकर शहर के पपीहा पार्क में बैठक की। बैठक में प्रेरकों ने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द पॉलिसी बनाकर उन्हें विभाग में समायोजित किया जाए। प्रेरकों ने कहा कि प्रत्येक गांव में एक महिला और एक पुरूष प्रेरक लगाए गए थे। उन्होंने निरक्षरों को पढ़ाने के अलावा बीएलओ की डयूटी, ड्रॉप आउट बच्चों का सर्वे और यहां तक ओडीएफ टीम के रूप में भी काम किया है। बैठक में प्रेम कुमार, राधेश्याम, कृष्ण कुमार, रेशमा आदि कई प्रेरक शामिल रहे। बैठक के बाद प्रेरक संघ हरियाणा के सदस्य प्रेम कुमार ने बताया कि साक्षर भारत अभियान के तहत उन्हें वर्ष 2009 में लगाया गया था लेकिन वर्ष 2017 में हटा दिया गया। जो कि बेरोजगार हो गए। प्रेरकों ने निरक्षरों को पढ़ाने के लिए खूब मेहनत की। सरकार की तरफ से दो हजार रुपये ही मानदेय दिया जाता था। प्रेरकों ने कहा कि एचकेआरएन के पोर्टल पर योग्य होने के बावजूद आवेदन नहीं हो पा रहा है। सरकार से मांग है कि पोर्टल पर शिक्षा प्रेरकों का पद दिखाकर अनुभव के आधार पर रोजगार दिया जाए। इसको लेकर पिछले मुख्यमंत्री नायब सैनी से भी मिले थे और उन्होंने आश्वासन भी दिया था।