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फतेहाबाद एयर स्ट्राइक के मद्देनजर मॉक ड्रिल का आयोजन, धमाकों से सभी हो गए सचेत एवं सतर्क

राष्ट्रव्यापी नागरिक सुरक्षा अभ्यास के तहत वीरवार को सुबह 11 बजे जिला में एयर स्ट्राइक के मद्देनजर मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ। जिला में राजकीय महिला महाविद्यालय भोडिया खेड़ा में निर्धारित समयावधि में मॉक ड्रिल हुई। सीटीएम गौरव गुप्ता के नेतृत्व में जिला में योजनाबद्ध तरीके से नागरिक सुरक्षा अभ्यास किया गया जिसमें आपदा की स्थिति में हुई जान माल की रक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई। मॉक ड्रिल के दौरान आपदा की स्थिति में कुल 14 घायलों को रेस्क्यू किया गया। गंभीर रूप से घायल 4 लोगों को भर्ती कर उपचार दिया गया, जबकि 10 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। इस अवसर पर डीएसपी संजय कुमार, डीआरओ श्याम लाल, कमांडेंट होमगार्ड राजेश बूमरा भी मौजूद रहे। सीटीएम गौरव गुप्ता ने बताया कि गृह मंत्रालय भारत सरकार व हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रव्यापी नागरिक सुरक्षा अभ्यास के तहत जिला में नागरिक सुरक्षा तंत्र और आपातकालीन प्रतिक्रिया का परीक्षण और सुदृढ़ीकरण करने के उद्देश्य से मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल में सुबह 11 बजे धमाकों के साथ चिह्नित स्थल पर अभ्यास शुरू हुआ और जिन भवनों में प्रथम व द्वितीय तल पर लोग मौजूद थे वे तुरंत प्रभाव से भू तल पर आ गए और स्वयं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए। जहां कहीं भी आपदा की स्थिति के दौरान लोग ऊपरी तलों पर फंस गए थे उन्हें सुरक्षित तरीके से फायर बिग्रेड कर्मियों व आपदा मित्रों द्वारा नीचे उतारा गया। सीटीएम ने कहा कि सुबह 11 बजे हवाई हमले की चेतावनी वाला धमाके बजाकर सभी हितधारकों को शामिल करते हुए महत्वपूर्ण स्थानों पर मॉक ड्रिल ऑपरेशन शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि इस मॉक ड्रिल के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया कि ऐसी स्थिति आने पर आश्रय के रूप में एक सुरक्षित आंतरिक कमरे या तहखाने की पहचान करें। मॉक ड्रिल के दौरान उक्त कंट्रोल रूम में आई सूचना के आधार पर पूरा अभ्यास किया गया। सीटीएम गौरव गुप्ता ने बताया कि यह मॉक ड्रिल आपातकालीन स्थिति में क्या करें और क्या न करें और क्या-क्या सावधानियां बरतने के उद्देश्य से करवाई गई है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया वे अपने क्षेत्र में होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट तुरंत पुलिस और स्थानीय अधिकारियों को दें। राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत जिला और राज्य, दोनों स्तरों पर घटना प्रतिक्रिया प्रणाली (आईआरएस) को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। इस पहल का उद्देश्य प्रतिक्रिया तंत्र को सुव्यवस्थित करना, आपातकालीन स्थितियों के दौरान भ्रम को कम करना है। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य नागरिकों को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार करना तथा विकट स्थिति के दौरान बड़े पैमाने पर दहशत की संभावना को कम करना है।

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