नगर परिषद में दमकल कर्मियों के समर्थन में सफाई कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं। इसका असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। हड़ताली कर्मचारियों ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली प्राइवेट जय दुर्गा एजेंसी को भी काम नहीं करने दिया, जिससे तीन दिन से शहर में कूड़ा नहीं उठ पाया है। जय दुर्गा डोर-टू-डोर एजेंसी के संचालक कुलदीप ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी और विभाग के डायरेक्टर को शिकायत भेजी है। कुलदीप ने बताया कि उनकी डोर टू डोर कचरा उठाने की प्राइवेट कॉन्ट्रैक्ट की एजेंसी है जिसके पास शहर से कचरा उठाने का पांच साल का ठेका है। हड़ताली कर्मचारी दो-तीन दिन से उनके टिप्पर और लेबर को काम नहीं करने दे रहे। रविवार सुबह 6 बजे ही शिव नंदी गौशाला में खड़े एजेंसी के सभी साधनों को रोक दिया।" उन्होंने आरोप लगाया कि हड़ताली कर्मचारियों ने ड्राइवरों से बदतमीजी की और टिप्पर के टायरों की हवा निकाल दी। उन्होंने बताया उनकी"पोर्टल पर हाजिरी तभी लगती है जब टिप्पर चलें और जीपीएस रिपोर्ट पोर्टल पर जाए जिसके चलते काम ठप होने से भुगतान भी रुकेगा", एजेंसी के एक अन्य कर्मचारी जसवीर ने बताया, "वे प्राइवेट काम करते हैं और प्रतिदिन काम के हिसाब से भुगतान मिलता है। अब उन्हें काम करने से हड़ताल कर्मियों द्वारा रोक दिया जाता है, टायर पंचर कर देते हैं। हड़ताल का समर्थन एक दिन तो ठीक, लेकिन अब तो तीन दिन से नुकसान हो रहा है।" कर्मचारियों का कहना है कि हड़ताली उनसे समर्थन मांग रहे हैं। कुलदीप ने सरकार से मांग की है कि या तो हड़ताली कर्मचारियों की मांगें पूरी की जाएं या उन्हें काम करने दिया जाए। शहर में कूड़े के ढेर लगने से लोगों को परेशानी हो रही है। नगर परिषद से जल्द समाधान की मांग उठ रही है।