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फतेहाबाद की प्यास बुझाने वाला भोडिया खेड़ा गांव खुद प्यासा, गंदे पानी सप्लाई से बीमार हो रहे ग्रामीण; शुरू किया धरना

शहर से मात्र 500 मीटर दूर बसे गांव भोड़िया खेड़ा में पीने के पानी की किल्लत है। गांव से गुजर रही जो नहर शहर के करीब 42 हजार घरों की प्यास बुझा रही है लेकिन गांव भोड़िया खेड़ा इस समय खुद प्यासा है। पानी की किल्लत और गंदे पानी की सप्लाई से परेशान ग्रामीणों ने गांव के जलघर के बाहर टैंट लगाकर धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि नहर से जलघर तक जिस पाइप लाइन से टैंक में पानी पहुंच रहा है वह जर्जर हो चुकी है और उसमें नालियों का गंदा पानी मिक्स हो रहा है। गंदे पानी के कारण ग्रामीण बीमार हो रहे है। अधिकारियों का कई बार मिल चुके है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रहे है। अधिकारी सिर्फ इतना कहते है कि अस्टीमेट बनाया जा रहा है। अगर प्रशासन ने सुनवाई नहीं की तो रोड जाम किया जाएगा। टैंक की कभी नहीं हुई सफाई, 30 साल पुरानी है पाइप लाइन ग्रामीण नरेंद्र का कहना है कि नहर से जो पाइप लाइन आ रही है वह टूट चुकी है और उसमें मिक्सिंग होकर पानी टैंक में पहुंच रहा है। टैंक भी टूटा हुआ है और उसमें पानी स्टॉक नहीं हो पा रहा है। अभी नहर गए दो दिन हुए है और टैंक खाली हो चुके है। हालात ये है कि टयूब्वैल का पानी तीन साल से पी रहे है। पाइपों की मरम्मत नहीं हुई है और न ही नई डाली गई है। कई बार प्रशासन के अधिकारियों से मिल चुके है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीण बीमार हो रहे, पीलिया हो रहा, कैंसर का खतरा ग्रामीण दिनेश गढ़वाल का कहना है कि टैंक पूरी तरह से जर्जर हो चुका है, इसके कारण पानी का रिसाव हो रहा है। इसके कारण दो दिन से धरना दे रहे है। गंदे पानी के कारण लोग बीमार हो रहे है और पीलिया बीमारी का शिकार हो रहे है। कैंसर होने का भी खतरा बढ़ रहा है। ग्रामीणों को नाली का पानी पिलाया जा रहा है। जिस पानी को जानवर भी नहीं पीता वह पिलाया जा रहा है।

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