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VIDEO : फतेहाबाद के टोहाना में ब्रह्माकुमारीज की शाखा में मनाया गया अष्टमी पर्व

ब्रह्माकुमारीज की शाखा में अष्टमी का त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर जींद से पधारे जींद सर्कल इंचार्ज बीके विजया दीदी ने शिरकत की।ब्रह्माकुमारी वंदना बहन ने नवरात्रे का आध्यात्मिक रहस्य स्पष्ट करते हुए समझाया कि देवियों की अष्ट भुजाएं अष्ट शक्तियों का प्रतीक है। हमारे पांच विकार रूपी असुरों का, दुगुणों का नाश करने वाली ही दुर्गा मां है। वास्तव में, हमारे अन्दर जो भी विकारी स्वभाव और संस्कार है उस पर विकराल रूप धारण करके अर्थात् दृढ प्रतिज्ञा करके मुक्ति पाना है। इस देवी को सृष्टि की ‘आदि स्वरुपा’ और ‘आदि शक्ति’ माना जाता है, जो ब्रह्माण्ड में चारों ओर फैले अंधकार को नष्ट कर ब्रह्माण्ड का ज्ञान प्रदान करती है। इनकी आठ भुजाओं में क्रमशः कमण्डल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृत कलश, चक्र, गदा और माला दिखाई जाती है। कमण्डल प्रतीक है- दिव्यगुणों व शक्तियों की धारणा का। बाण प्रतीक है- श्रेष्ठ संकल्प का। कमल-पुष्प प्रतीक है- कलियुगी समाज में रहते निर्लिप्त व निर्विकारी स्थिति का । अमृत कलश- बुद्धि की सतोप्रधानता का प्रतीक है। चक्र- तीनों कालों व तीनों लोकों के ज्ञान का और गदा शक्ति का प्रतीक है। यदि यह ऊपर उठी हुई है तो माया से युद्ध जारी है और यदि यह जमीन पर टिकी है तो माया पर विजय प्राप्ति की प्रतीक है। माला- राजयोग का प्रतीक है।वर्तमान समय स्वयं निराकार परमपिता परमात्मा इस कलियुग के घोर अंधकार में माताओं- कन्याओं द्वारा सभी को ज्ञान देकर फिर से स्वर्ग की स्थापना कर रहे हैं। इसलिए हे आत्माओं अब जागो, केवल नवरात्रि का जागरण ही नहीं करो बल्कि इस अज्ञान नींद से भी जागो। यही सच्ची-सच्ची नवरात्रि मनाना और जागरण करना है। ऐसी नवरात्रि की आप सभी को मुबारक हो, मुबारक हो। इस अवसर पर बच्चों ने गीतों के द्वारा प्रस्तुति दी।

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