शहर स्थित आधी प्रेम नगर कॉलोनी को अप्रूव्ड का दर्जा नहीं मिलने से यहां रहने वाली पांच हजार से अधिक की आबादी को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र को ऐसा बना दिया है कि यह न तो ग्रामीण क्षेत्र का हिस्सा रहा है और न ही शहरी क्षेत्र का। शहर ने ठुकराया अब गांव में भी नहीं मिल रही पनाह यह पंक्ति इन लोगों के लिए सटीक बैठ रही है। नागरिकाें का कहना है वे मूलभूत सुविधाओं से तरस रहे हैं और चुनाव के समय नेता विकास के नाम पर वोट लेकर जाते हैं। अब किसी भी नेता यहां आकर उनसे बात नहीं की और न ही कोई इसके लिए कदम उठा रहा है। क्षेत्र में सीवर मैनहोल ओवरफ्लो हो रहे हैं और कच्ची गलियों में घरों का दूषित पानी भरा हुआ है। लोग कॉलोनी के साथ हो रहे भेदभाव के कारण जिला प्रशासन के खिलाफ रोष जता रहे हैं।