उपायुक्त डा मुनीश नागपाल ने मंगलवार को जिले के विभिन्न गांवों के खेतों में जाकर फसल की राजस्व विभाग द्वारा की गई ई गिरदावरी की जांच पड़ताल की। उन्होंने मौके का मुआयना करते हुए राजस्व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा तैयार किए गए गिरदावरी रिकार्ड का खेतों में खड़ी फसलों के साथ मिलान किया। उल्लेखनीय है कि सरकार की ओर से जारी दिशा निर्देशों की अनुपालना में उपायुक्त सहित अन्य संबंधित अधिकारियों द्वारा गिरदावरी की जांच पड़ताल खेतों में जाकर की जा रही है। उन्होंने पड़ताल के दौरान राजस्व विभाग के कर्मचारियों से कहा कि गिरदावरी बहुत महत्वपूर्ण कार्य है। इसलिए यह कार्य शत-प्रतिशत ठीक होना चाहिए। सरकार द्वारा गिरदावरी के माध्यम से एकत्रित आकड़ों के आधार पर किसान हितैषी नीति बनती है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा प्रत्येक फसल चक्र यानि रबी और खरीफ की फसल की गिरदावरी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को रिपोर्ट भेजी जाती है। उन्होंने गिरदावरी जांच-पड़ताल के दौरान राजस्व विभाग द्वारा की गई गिरदावरी के रिकार्ड का भी मिलान किया। उन्होंने गिरदावरी की पड़ताल की और किसानों से बात की तथा उनकी समस्याओं को सुना। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए नियमानुसार निपटान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उपायुक्त ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ बातचीत में कहा कि फसल गिरदावरी के माध्यम से एकत्रित आकड़ों के आधार पर फसल की खरीद, परिवहन, भंडारण सहित अन्य किसान हितैषी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि फसली रिकार्ड सिंचाई योजनाओं के क्रियान्वयन, बीज, खाद आदि की व्यवस्था करने में भी सरकार को आसानी होती है। उपायुक्त ने जिले के लांबा, सांजरवास, खेडी बत्तर, अटेला, जेवली व बाढड़ा पहुंचकर फसल गिरदावरी की पडताल की। इस अवसर पर एसडीएम आशीष सांगवान, जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार भोरिया, तहसीलदार सन्नी दलाल व नायब तहसीलदार साहित दलाल सहित विभाग के कर्मचारी व अधिकारी मौजूद रहे।