चरखी-दादरी में पूर्वांचलवासियों ने शुक्रवार सुबह छठ पूजा के उपलक्ष्य में विभिन्न जगहों पर धार्मिक गतिविधियां आयोजित की। शुक्रवार को छठ व्रतियों ने उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर उपवास पूरा किया। अर्घ्य देने के लिए व्रती महिलाओं और पुरुषों ने पानी में खड़े रहकर सूर्योदय का इंतजार किया। सूर्योदय होने पर आस्था और श्रद्धा के साथ जल और दूध से सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया। वहीं, महिलाओं ने मंगल गीत भी गाए। स्थानीय चंपापुरी, रासीवासिया धर्मशाला, गांधी नगर व अग्रसेन धर्मशाला के समीप उत्तरांचल निवासी श्रद्धांलु लालबाबू, चंदन, रणजीत, मनोज, नीरज, विकेश, विक्की व गोलू ने बताया कि यह ऐसा पर्व है जो वैदिक काल से ही चला आ रहा है। सूर्य देवता जो संपूर्ण सृष्टि को ऊर्जा देते हैं उनकी उपासना का महापर्व है। पवित्रता और समरसता के भाव के साथ मानव कल्याण का एक अनूठा पर्व है। छठ मैय्या संतान की रक्षा करती हैं और उनकी पूजा कर सभी ने मिलकर अपने परिवार की खुशहाली की कामना की।