चरखी-दादरी के वार्ड 9 स्थित पुराना पटवार खाना वाली गली के निर्माण में पुरानी इंटरलॉक टाइलें लगाने पर वार्डवासी भड़क उठे। उन्होंने इस पर ऐतराज जताया। लोगों का कहना है कि जब आधी से अधिक गली में नई इंटरलॉक टाइलें लगाई गई हैं तो बाकी गली में पुरानी टाइलें लगाना गलत है। उन्होंने नगर परिषद अधिकारियों से इस पर संज्ञान लेने की मांग की है। बता दें कि झज्जर घाटी स्थित पुराना पटवार खाना वाली गली को दो माह पहले ही पुनर्निर्माण के लिए तोड़ा गया था। इसके बाद गली में मलबा फैला रहने व दूषित पानी भरने के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस अवधि में कई दुपहिया वाहन चालक भी गिरकर घायल हुए थे। अब गली के अंतिम छोर पर एजेंसी ने उखाड़ी हुई पुरानी इंटरलॉक टाइलें को लगाना शुरू कर दिया। इससे खफा स्थानीय लोगों ने नगर परिषद के खिलाफ मंगलवार को नाराजगी जताई। उनका कहना है कि जब गली में लगी इंटरलॉक ठीक थी तो एजेंसी ने पुरानी टाइलों को उखाड़ा ही क्यों? अब पुरानी इंटरलॉक टाइलें लगाने से गली जल्द टूटने का अंदेशा है। उन्होंने जिला प्रशासन से लगाई गई पुरानी इंटरलॉक टाइलों की जगह नई लगाने की मांग की है। लोग बोले: पूरी गली में लगाई जाए नई टाइलें - जब गली में पुरानी टाइलें ही लगवानी थी तो पूरी गली को उखाड़ा ही क्यों गया? अब आधी गली में नई टाइलें लगाई जा रही हैं जबकि आधी में पुरानी टाइलें लगाई जा रही हैं। विकास फोगाट, वार्डवासी - पार्षद ने अपने घर के सामने नई टाइलें लगवा ली है जबकि इससे आगे के घरों के सामने पुरानी टाइलें लगवाने से भेदभाव नजर आ रहा है। नगर परिषद के अधिकारियों को संज्ञान लेना चाहिए। सुनील कुमार, वार्डवासी - गली के तोड़ने के बाद कई दिनों तक मलबा व गंदगी फैली रही और इसके कारण स्कूली विद्यार्थियों व बुजुर्गों को दिक्कतें हुईं। अब गली निर्माण में पुरानी टाइल लगाई जा रही हैं। प्रमेंद्र फोगाट, वार्डवासी - गली तोड़ने पर दूषित पानी भरा रहने से दुकानों में ग्राहकों ने आना बंद कर दिया था। इससे काफी आर्थिक नुकसान हुआ। अब पुनर्निर्माण के नाम पर पुरानी टाइलें लगाई जा रही हैं। दीपक कुमार, वार्डवासी वर्सन: जहां इंटरलॉक टाइलें ठीक हैं उन्हें ही दोबारा लगाया जा रहा है। टूटी हुई कोई भी टाइल यहां नही लगाई जाएगी और कार्य नियमों के अनुसार हो रहा है। सुमित नांदल, एक्सईएन, नगर परिषद